बर्फीले पहाड़ों में कैसे बना रेगिस्तान?

Smallest Desert in the World: दुनिया के सबसे छोटे रेगिस्तान का क्या है राज?

Smallest Desert in the World: कुदरत के कई ऐसे करिश्में हैं जिन्हें देख इंसान तो क्या विज्ञान तक हैरान रह गया। इन्हीं करिश्मों में से एक है दुनिया का सबसे छोटा रेगिस्तान जो बर्फीले इलाके में बना हुआ है। ये रेगिस्तान ऊंचे पहाड़ों पर स्थित है जिसे देख हर कोई हैरान है।

दुनिया का सबसे छोटा रेगिस्तान कनाडा के युकोन में मौजूद है जिसका नाम है कारक्रॉस डेजर्ट (Smallest Desert in the World). ये डेजर्ट मात्र 1 वर्ग मील में फैला हुआ है जिसकी दूरी आप बड़े ही आराम से पैदल चलकर ही तय कर सकते हैं। वहीं इस रेगिस्तान के पास एक छोटा सा गांव भी है जिसका नाम है कारक्रॉस गांव, ये गांव करीबन 4500 साल पहले यहां बसा था और अगर यहां की जनसंख्या की बात की जाए तो फिलहाल यहां कुल 301 लोग रहते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्रॉस रीवर के आस पास बेहद दुर्लभ वनस्पतियां पाईं जाती है, जिनके बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी है। ये रेगिस्तान (Smallest Desert in the World) काफी ऊंचाई वाले इलाके में मौजूद है जो अपने आप में हैरान कर देने वाली बात है।

ये भी पढ़ें:
Patagonia Marble Caves
इन गुफाओं को देख आर्कीटेक्ट भी रह गए दंग

वहीं इस इलाके के बारे में पहले किसी को भी कोई भी जानकारी नहीं थी लेकिन फिर यहां 4500 साल पहले कुछ जनजातियां बसी। ये जनजातियां यहां तब बसी जब यहां प्रकृति द्वारा ही एक पुल का निर्माण हुआ। दरअसल यहां कई हजार साल पहले बैनट और नारेस झीलें एक दूसरी से मिला करती थीं और इस दौरान कुदरत द्वारा ही यहां एक पुल का निर्माण हो गया जिसके बाद इस पुल से होते हुए कई लोग यहां बसते चले गए।

अब बात करते हैं कि आखिर कैसे इस ऊंचाई वाले इलाके में ये रेगिस्तान (Smallest Desert in the World) बन गए। कहा जाता है कि करीबन 24 हजार साल पहले विस्कॉन्सिन मैक्कॉनेल ग्लेशियर बनने के दौरान उत्तरी युकोन में कई ग्लेशियर जम गए थे और इसी वक्त कारक्रॉस (Smallest Desert in the World) में भी करीबन 1 किलोमीटर तक बर्फ जम गई, फिर जब ये बर्फ धीरे धीरे पिघलने लगी तो दक्षिणी युकोन इलाके में पानी बढ़ने लगा जिससे यहां नहरें बनने लगीं।

अब इस इलाके में रेगिस्तान (Smallest Desert in the World) बनने के पीछे का कारण लोगों द्वारा बताया जाता है कि क्योंकि ग्लेशियर पिघल चुके थे तो इस कारण उत्तर पश्चिमी इलाकों से रेतीली हवाएं चलने लगीं जिससे ये अनुमान लगाया जाता है कि इन्हीं रेतेली हवाओं ने दुनिया के एक ऊंचाईं वाले इलाके में एक अद्भुत रेगिस्तान बना दिया।    

Smallest Desert
Source: Social Media

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यहां मौजूद झील के सूखने के कारण इस जगह पर रेगिस्तान (Smallest Desert in the World) बन गया, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि आज भी बैनेट झील के पास कई बार तेज रेतीली हवाएं चलती है जिसके कारण आज भी यहां कई छोटे छोटे रेत के टीले बन जाते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि ये अनोखा रेगिस्तान हिम युग, हवा और पानी में मिश्रण से बना होगा।

आज की तारीख में ये जगह लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है। लोग कारक्रॉस डेजर्ट (Smallest Desert in the World) में कई एडवेंचर्स करने आते हैं। सर्दियों में इस इलाके में काफी बर्फबारी होती है जिसमें इंजॉय करने यहां दूर दूर से लोग आते हैं वहीं गर्मियों में यहां कई बाइक प्रेमी बाइक चलाते हैं।  

बर्फीले पहाड़ों में कैसे बना रेगिस्तान?

सैलानियों के साथ साथ इस जगह पर कई वैज्ञानिक और भूवैज्ञानिक भी शोध करने आते हैं। इन सभी वैज्ञानिकों के लिए यहां खोज का विषय है इस ऊंचाईं वाले इलाके में एक छोटा सा रेगिस्तान (Smallest Desert in the World) जिसमें वो आज भी शोध कर ही रहे हैं। वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि कारक्रॉस रेगिस्तान का जन्म कुदरत की करीबन 10 हजार साल की महनत का फल है जो यहां इतनी ऊचांई में इस रेगिस्तान का जन्म हुआ।

ये भी पढ़ें:
Blood rain
वो दिन जब आसमान से बरसने लगा था खून, क्या है रहस्य?

For latest news of Uttarakhand subscribe devbhominews.com