क्यों इस जंगल में प्रवेश करते ही सुसाइड करने का करता है मन?

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Suicide Forest
Suicide Forest

Suicide Forest: हर साल इस जंगल से बरामद होती हैं कई लाशें

Suicide Forest: इस पृथ्वी में ऐसी कई रहस्यमयी जगहें हैं जिन्हें आजतक वैज्ञानिक भी नहीं सुलझा पाए हैं। ऐसी ही एक जगह है जहां न तो ज्वालामुखी है, न ही कोई पहाड़ और न ही नदी, लेकिन फिर भी जो भी कोई यहां जाता है वो जिंदा वापिस नहीं लौट पाता। ये एक जंगल है जहां अगर आप जाएंगे तो आपका भी मन करेगा कि आप सुसाइड (Suicide Forest) करलें। ऐसा क्या है आखिर इस जगह में कि जो कोई भी यहां जाता है वो जिंदा नहीं लौट पाता, हर साल यहां करीबन 100 से भी ज्यादा लाशें मिलती हैं।

जापान का ओकिघारा जंगल सुसाइड (Suicide Forest) के लिए काफी प्रसिद्ध है, ये जंगल माउंट फ़ूजी के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर स्थित है। ऐसा कहा जाता है कि इस जंगल (Suicide Forest) में वो इंसान जाता है जो अपनी जिंदगी से हार चुका है और उसके अंदर अब जीने की कोई चाह नहीं रही, वहीं अगर गलती से भी यहां कोई इंसान चला जाए तो वो भी कभी जिंदा यहां से वापिस नहीं लौट पाता। आखिर क्या है इन जंगलों में, न ही इन लोगों को कोई जंगली जानवर मारता है और न ही कोई इंसान तो फिर इस जंगल में जाते ही क्यों लोग मर जाते हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्राचीन जापान में एक समय था जब कुछ लोग अपना भरण पोषण नहीं कर पा रहे थे, जिसके बाद इन सभी लोगों को इस जंगल में छोड़ दिया गया था, जिसके बाद इन सभी लोगों की इस जंगल में ही मृत्यु हो गई थी। अब लोगों का कहना है कि मारे गए ये सभी लोग अब भूत बन चुके हैं और ये सभी आत्माएं अपनी अधूरी भूख को मिटाने के लिए जो भी इस जंगल में आता है उसे मार देते हैं।

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वहीं जापानी ज्योतिषियों की माने तो इस जंगल में मौजूद पेड़ों में कुछ अदृश्य शक्तियां मौजूद है, जो यहां आने वाले हर इंसान को मार डालती हैं। कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति इस जंगल में प्रवेश करता है उसे ये शक्तियां जंगल (Suicide Forest) से बाहर नहीं आने देती हैं और उनके शरीर में कब्जा कर लेती हैं जिसके कारण कुछ समय बाद इन लोगों की मृत्यु हो जाती है।

यहां हर साल इतने लोग सुसाइड (Suicide Forest) करते हैं कि इन लाशों को हटाने के लिए यहां की पुलिस को हर साल एक अभियान चलाना पड़ता है। हालांकि सरकार द्वारा इन आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया जाता और ऐसा सरकार इसलिए करती है ताकी लोग सुसाइड करने के लिए प्रेरित न हों। वहीं केवल 2004 में ही इस जंगल में मरने वाले लोगों का आंकड़ा बताया गया था जो की 108 था, लेकिन उसके बाद से आजतक इन आकंड़ों के बारे में किसी को नहीं बताया गया।

इस पूरे जंगल (Suicide Forest) के दायरे में पुलिस द्वारा जगह जगह पर कई बोर्ड्स लगाए गए हैं जिनमें लिखा है “आपकी जिंदगी आपके पेरेंट्स के लिए एक अनमोल तोहफा है तथा कृप्या मरने का निश्चय करने से पहले एक बार पुलिस से संपर्क करें”

वहीं इस जंगल को देखने के लिए दूर दूर से लोग यहां आते हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर लोग इस जंगल में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं कर पाते।

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