चांद की मिट्टी पर उगे पौधे, क्या जल्द ही बसने लगेंगे चांद पर लोग?

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Plants on Moon
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Plants on Moon: क्या अब चांद पर होगी खेती?

Plants on Moon: आखिरकार वैज्ञानिकों का सपना साकार हुआ, वो दिन आ ही गया जब चांद की मट्टी पर पौधे (Plants on Moon) उगाए जा रहे हैं, तो क्या अब जल्द ही इंसान चांद पर बसने की तैयारी करेगा, क्या चांद की मिट्टी (Plants on Moon) पर कुछ चंद पौधे उगाने से चांद पर खेती करना मुमकिन होगा।

दरअसल जब अंतरिक्ष यात्री चांद पर लंबे समय तक रहता है तो उसे पृथ्वी से लेजाई हुई चीज़ों पर ही अपना गुजारा करना पड़ता है, यानी की उसे ताज़ा खाना नहीं मिल पाता और चांद पर मौजूद पथरीली मिट्टी में यहां खेती (Plants on Moon) करना बेहद मुशकिल होता है, जिसके बाद वैज्ञानिकों ने चांद पर पौधे (Plants on Moon) उगाए जाने का एक परीक्षण किया।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा अपोलो मिशन्स के दौरान चांद से कुल 382 किलोग्राम पत्थरीली मिट्टी लाई गई थी। इस मट्टी को चांद से वैक्यूम सील्ड डिब्बों में पैक करके धरती पर लाया गया था और फिर इसके बाद इस मिट्टी में धरती की हवा और पानी को मिलाया गया जिसके बाद इस पर फूल उगाए गए।

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कम्यूनिकेशंस बायोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबित बताया गया कि पहली बार चांद की मिट्टी में फूल के पौधे (Plants on Moon) उगाए गए, जिसमें धरती की हवा और पानी को भी मिलाया गया। इस सफल परीक्षण के बाद ऐसी संभावना जताई जा रही है कि नासा अपने आने वाले अर्टेमिस मिशन्स के दौरान फिर से चांद की सतह से मिट्टी लेकर आएगा।

वहीं यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा की एक प्रोफेसर एना- लिसा का इस विषय पर कहना है कि पहले भी चांद की मिट्टी पर पौधे (Plants on Moon) उगाए जा चुके हैं लेकिन इस तरीके से आजतक पौधे नहीं उगाए गए हैं। उनका कहना है कि पहले जब चांद की मिट्टी पर पौधे (Plants on Moon) उगाए गए थे तब सिर्फ चांद से लाई गई मिट्टी का छिड़काव किया गया था, लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब पौधे उगाने के लिए केवल चांद की मिट्टी का ही इस्तेमाल किया गया है।

चांद की सतह से लाई गई मिट्टी को वैज्ञानिकों द्वारा 4 अलग अलग हिस्सों में बांट दिया गया, इसके बाद इनमें पानी डाला जाता है और पोषक तत्वों वाले तरल पदार्थ डाले जाते हैं ताकी चांद की मिट्टी पर न पाए जाने वाले पोषक तत्व पौधों को मिलें। इसके बाद वैज्ञानिकों ने इन मिट्टी के कंटेनर्स में आर्बिडोप्सिस के बीज डाले जो कुछ ही दिनों में उगने लगे। ऐसे में वैज्ञानिकों के लिए ये एक उम्मीद की किरण है कि जल्द ही चांद पर इंसानों को बसाया जा सकता है।

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