क्यों बन रहा है तुर्की भूकंपों का केंद्र?

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Turkey Earthquake: तुर्की और सीरिया में मची भूकंप से तबाही, अबतक 17000 से भी ज्यादा लोगों की हुई मौत

Turkey Earthquake: 6 फरवरी की सुबह तुर्की और सीरिया के लिए वो विनाशकारी सुबह थी जिसमें लोगों के आंसू बिल्डिंग के मलबे के नीचे ही दबे के दबे रह गए। इस हादसे (Turkey Earthquake) में अब तक 17000 से भी ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं और अभी भी कई हजारों लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन इन सबके बीच सबसे अहम सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर क्यों तुर्की में ही एक के बाद एक भूकंप के झटके (Turkey Earthquake) महसूस किए जाते हैं।

यह तो हम सभी को मालूम है कि धरती में भूकंप किस कारण आते हैं, धरती के अंदर मौजूद टेक्टोनिक प्लेट्स के मूवमेंट के कारण यह भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। दरअसल पृथ्वी के आउटर शेल में मौजूद होते हैं कुछ विशाल टुकड़े जो कभी एक दूसरे से टकराते हैं तो कभी एक दूसरे से घर्षण करते हैं। घर्षण करने के दौरान कभी कबार यह प्लेट्स एक दूसरे में अटक जाती है और जब दबाव के बाद यह प्लेट्स एक दूसरे से अलग होती हैं तो भारी मात्रा में एक ऊर्जा उत्पन्न होती है जिसे भूकंप कहा जाता है।

अब बात करते हैं कि क्यों तुर्की में ही ज्यादा भूकंप के झटके (Turkey Earthquake) महसूस किए जाते हैं, दरअसल तुर्की में लगातार आने वाले भूकंपों के पीछे का कारण है इसकी लोकेशन। तुर्की तीन अलग-अलग टेक्टोनिक प्लेट्स के ठीक ऊपर बसा हुआ देश है। इसके उत्तर में यूरेशियन प्लेट है, पूर्व में अरेबियन प्लेट है वहीं दक्षिण में अफ्रीकी प्लेट है।

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ज्यादातर वक्त अरेबियन प्लेट जब यूरेशियन प्लेट को धक्का देती है तो तुर्की में बड़े भूकंप के झटकों (Turkey Earthquake) को महसूस किया जाता है। आपको बता दें कि उत्तर में स्थित उत्तरी एनाटोलियन फॉल्ट लाइन तुर्की के पश्चिम से पूर्व की ओर जाती है, वहीं पूर्वी एनाटोलियन फॉल्ट लाइन देश के बाकी के दक्षिणपूर्वी क्षेत्रों में स्थित है।

6 फरवरी को आने वाला भूकंप पूर्वी एनाटोलियन फॉल्ट लाइन पर ही आया था। साइंटिफिक अमेरिकन मैगजीन के मुताबिक 6 फरवरी को जो भूकंप आया था उसमें एक फॉल्ट टूटा था जो पृथ्वी के बहुत ज्यादा गहराई पर नहीं था। पृथ्वी के अंदर इसकी दूरी की बात की जाए तो यह 18 किलोमीटर पृथ्वी की सतह से नीचे था, यही कारण था कि भूकंप की कंपन ज्यादा तीव्रता के साथ महसूस हुई और इससे तबाही भी बड़े पैमाने में हुई।

यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक इस जगह पर 1970 के बाद से 250 किलोमीटर के अंदर 6 से अधिक तीव्रता के केवल तीन ही भूकंप (Turkey Earthquake) आए थे, 6 फरवरी को आने वाला भूकंप (Turkey Earthquake) इन तीनों भूकंपों में से कई गुना शक्तिशाली था जिसने तुर्की और सीरिया में चारों ओर तबाही ही तबाही मचा दी।

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6 फरवरी को तुर्की और सीरिया में आने वाले भूकंप (Turkey Earthquake) की तीव्रता 7.8 थी, पर इसमें मरने वालों की संख्या इसलिए भी इतनी ज्यादा है क्योंकि जिस वक्त यह भूकंप आया था उस वक्त सभी लोग अपने अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान भूकंप (Turkey Earthquake) आया और बड़ी बड़ी बिल्डिंग धूल में तब्दील हो गई, जिससे लोग इन बिल्डिंगों के मलबों में दबे रह गए।

इस मलबे में दबे कई लोगों को तो रेस्क्यू किया जा चुका है वहीं कई लोगों की जाने जा चुकी है। इसके साथ ही कई हजारों लोगों की लाशें अभी भी इस मलबे में दबी हुई हैं जिन्हें निकाले जाने का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

वहीं तुर्की में आए सबसे खतरनाक भूकंप (Turkey Earthquake) की बात की जाए, तो सबसे खतरनाक भूकंप यहां 27 दिसंबर 1939 में आया था जिसकी तीव्रता थी 8.2,  इस भूकंप में 30000 से भी ज्यादा लोगों की जानें गई थी। इसके बाद अगला खतरनाक भूकंप (Turkey Earthquake) आया था 1976 में, इस भूकंप की तीव्रता 7.3 थी जिसमें 4000 से लेकर 5000 तक लोगों की जानें गई थी।

इसके बाद अगला भूकंप (Turkey Earthquake) आया था अगस्त 1999 में, जिसकी तीव्रता थी 7.4 और इस भूकंप में 17000 से भी ज्यादा लोगों की जानें गई थी। वहीं 2011 में ईरानी बॉर्डर के पास यहां दो भूकंप (Turkey Earthquake) आए थे, एक भूकंप अक्टूबर में आया था तो दूसरा नवंबर में, इन दो भूकंपों में 200 से ज्यादा लोगों की जानें गई थी, इसके बाद इनसे भी ज्यादा खतरनाक भूकंप (Turkey Earthquake) आया 6 फरवरी 2023 को जिसमें आर्टिकल लिखे जाने तक 17000 से भी ज्यादा लोगों की जानें चली गई और अब भी कई हजारों लोग इस मलबे में दबे हुए हैं।

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