THARALI LANDSLIDE: उत्तराखंड के चमोली जिले के थराली क्षेत्र में 25 अगस्त 2025 को बादल फटने और भारी बारिश के कारण आई आपदा ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा के बाद पुलिस, जिला प्रशासन,एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य आपदा प्रबंधन टीमें राहत और बचाव कार्यों में युद्धस्तर पर जुटी हुई हैं। टीमें प्रशासन ने तीन रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए हैं, जहां प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और अस्थायी आश्रय प्रदान किया जा रहा है। सीएम धामी ने ने भी 24 अगस्त को आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावितों का हालचाल जाना।

THARALI LANDSLIDE: अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए राहत कार्यो की समीक्षा भी की। विभागीय अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर का निरीक्षण करते हुए प्रभावितों से व्यवस्थाओं और यहां पर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने आपदा में पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकानों एवं मृतकों के परिजनों को ₹5-5 लाख की तत्काल सहायता राशि चेक प्रदान करने के साथ ही, बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए।

आज भी हुई भूस्खलन और मलबा गिरने की घटना
हालांकि, राड़ीबगड़ में एक सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र से मलबा गिरने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। आज यानि 25 अगस्त को दोपहर में इस क्षेत्र से अचानक मलबा गिरने से उपजिलाधिकारी कार्यालय में हड़कंप मच गया। एसडीएम और अन्य कर्मचारी महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ सुरक्षित स्थान की ओर भागे। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) की टीमें मिंग गधेरे के पास सड़क खोलने में जुटी हैं, ताकि यातायात और राहत सामग्री की आपूर्ति बहाल हो सके। थराली तहसील के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को शनिवार को सुरक्षा कारणों से बंद रखा गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे थराली तहसील क्षेत्र में भारी बारिश से अचानक बाढ़ और मलबे का सैलाब आ गया। इस आपदा ने थराली बाजार, कोटदीप, सागवाड़ा और राड़ीबगड़ जैसे क्षेत्रों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। मूसलाधार बारिश और मलबे के कारण कई घरों, दुकानों और तहसील परिसर में भारी नुकसान हुआ। सागवाड़ा गांव में 20 वर्षीय कविता नाम की एक युवती मलबे में दबकर मर गई, जबकि जोशी नाम का एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है। थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग मिंग गधेरे के पास मलबा आने से बंद हो गया, और थराली-सागवाड़ा मार्ग भी अवरुद्ध रहा, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

चमोली के थराली में बादल फटने से भारी तबाही, कई घर और वाहन मलबे में दबे
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