RISHIKESH : 1600 करोड़ से संवरेगी योगनगरी, जर्मनी भेजा ये बड़ा प्रस्ताव

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देहरादून, ब्यूरो। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला तो उत्तराखंड देवभूमि की योग नगरी के नाम से दुनिया में प्रसिद्ध RISHIKESH को एक नई पहचान मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने योग नगरी RISHIKESH को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए जर्मनी के एक बैंक को करीब 1600 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है।

हाईटेक होगी RISHIKESH योग नगरी

इस प्रस्ताव के बैंक से पास होते ही RISHIKESH में तमाम मूलभूत सुविधाओं के साथ ही आधुनिक और कई अन्य फैसिलिटी भी मिलने जा रही है, जिससे शहर की स्वच्छता को चार-चांद लगें। साथ ही आने-जाने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और आमजनों को इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

RISHIKESH : 1600 करोड़ से संवरेगी योगनगरी, जर्मनी भेजा ये बड़ा प्रस्ताव
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RISHIKESH को संवारने की पीएम मोदी ने की थी विशेष पहल

दरअसल, उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष पहल की थी। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने जर्मनी की फंडिंग एजेंसी केएफडब्लू को 160 मिलियन यूरो का प्रस्ताव भेजा। इन परियोजनाओं में करीब 200 मिलीयन यूरो यानी 1600 करोड़ का अनुमानित खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। खर्च का 80 फीसदी केंद्र सरकार और 20 फीसदी राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।

RISHIKESH : 1600 करोड़ से संवरेगी योगनगरी, जर्मनी भेजा ये बड़ा प्रस्ताव

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RISHIKESH योग नगरी इन कामों से चमकेगी

ऋषिकेश में इस योजना के तहत चारधाम यात्रियों के दबाव को कम करने के लिए एलिवेटेड रोड बनाने की भी योजना है। साथ ही योग नगरी RISHIKESH में 24X7 जलापूर्ति, सार्वजनिक स्वच्छता फैसिलिटी, स्मार्ट अर्बन स्पेस, अंडर ग्राउंड यूटिलिटी डक्ट (नालियां), स्मार्ट अर्बन स्पेस, शहर में परिधान और सामान वेटिंग रूम, गंगा घाटों पर वेंडिंग जोन डेवलपमेंट, नागरिक सुरक्षा और सुविधाओं के लिए कंट्रोल रूम, ऊर्जा बचत के लिए उपकरणों की स्थापना, ट्रांसपोर्ट सेंटर, बस टर्मिनल, पार्किंग, स्मार्ट शहरी स्थल, वर्षा जल और बाढ़ सुरक्षा, पेयजल मीटर समेत तमाम आधुनिक सुविधाओं का विकास एकीकृत शहरी और स्थापना विकास परियोजना के तहत किए जाएगा।

जर्मनी भेजा केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पत्र

सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा तो जल्द RISHIKESH योगनगरी एक हाईटेक स्टेशन के रूप में दुनिया में प्रसिद्ध होगी। योजना अगर अपने मकसद पर खरी उतरते हुए धरातल पर आई तो बड़ा फायदा स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को होगा। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रस्ताव जर्मनी भेजा जा चुका है। अब देखना होगा कि यह प्रस्ताव के आधार पर कब तक योगनगरी की कायाकल्प करने के लिए यह पैसा जर्मनी से जारी होता है।

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हर साल लाखों यात्री पहुंचते हैं योगनगरी RISHIKESH

उत्तराखंड की योगनगरी के रूप में विख्यात ऋषिकेश में हर साल लाखों पर्यटक और तीर्थयात्री देश-विदेश से पहुंचते हैं। कई बार यहां लोगों को जाम के झाम में उलझकर रहना पड़ता। सबसे ज्यादा दिक्कत विकेंड और चारधाम यात्रा के दौरान देखने को मिलती है। इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद कई समस्याओं से लोगों को निजात मिलने की उम्मी है। इसके साथ ही ऋषिकेश की एक अलग पहचान भी दुनियाभर में होगी।

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