Dolo-650 बनाने वाली दवा कम्पनी विवादों में, Supreme Court ने जताई हैरानी

0
163
Dolo- 650 VIVAD

Supreme Court में सुनवाई के बाद Dolo-650 बनाने वाली कंपनी ने बाटें उपहार इस को लेकर हर कोई चर्चा कर रहा है। दवा बिक्री के बदले 1000 करोड़ के उपहार कंपनी ने बाँट दिए। जी हाँ सुनकर हैरानी हुई ना, इसी तरह की हैरानी Supreme Court ने भी जताई है और केंद्र सरकार से जवाब माँगा है।

जैसा कि मालूम हो कोरोना महामारी के समय Dolo- 650 की बिक्री में बहुत तेजी देखने को मिली थी, जहां हर किसी को डॉक्टर डोलो 650 दवा लिख रहे थे और लोग इस दवा को खरीद कर बड़ी मात्रा में सेवन कर रहे थे। यहां तक हाल हो गया था कि लोग इस दवा को snacks की तरह खा रहे थे। अब एक बार फिर से ये दवा और इसे बनाने वाली कंपनी सुर्ख़ियों में है।

Dolo-650 vivadon me

Dolo- 650 दवा आती है बुखार के काम

बुखार के इलाज़ में प्रयोग की जाने वाली दवा Dolo कोरोना महामारी की शुरुआत से लगातार सुर्ख़ियों में है जब चारों तरफ डॉक्टर हर किसी को ये दवा लिख रहे थे और लोग भी बड़ी मात्रा में इसका सेवन कर रहे थे। एक तरह से उस कोरोना महामारी में डोलो 650 हर भारतीय के लिए snacks का काम कर रही थी। अब फिर से एक बार इस दवा को बनाने वाली कंपनी [Micro Labs Ltd ] चर्चा में है। अब इस रहस्य से पर्दा उठ रहा है क्यों डॉक्टर हर किसी व्यक्ति को यही दवा  लिख रहे थे।

MICRO LABS LIM.

डॉक्टर क्यों लिख रहे थे Dolo-650?

इसी सन्दर्भ में Supreme Court में चल रही सुनवाई के दौरान कुछ हैरान करने वाले खुलासे हुए कि क्यों डॉक्टर हर किसी को Dolo-650 दवा ही लिख रहे थे। Supreme Court की सुनवाई में मेडिकल रिप्रेजेन्टेटिव [दवा प्रतिनिधि] ने गुरूवार को बताया कि ये दवा बनाने वाली कंपनी ने मरीजों को Dolo-650 दवा लिखने के लिए डॉक्टरों को 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा के उपहार दिए थे। FMRAI [दवा प्रतिनिधियों की एसोसिएशन ] की पहल पर सीनियर अधिवक्ता संजय पारिख ने कोर्ट में रिपोर्ट पेश की जिसमें बताया गया कि Dolo-650 दवा लिखने के लिए कैसे डॉक्टरों को 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा के उपहार दे दिए और डॉक्टर मरीजों को गलत डोज़ लिख रहे थे।

खुलासे पर Supreme Court नाराज, माँगा केंद्र से जवाब

अपनी सुनवाई के दौरान जस्टिस चन्द्रचूड़ ने भी बताया कि उन्हें भी कोरोना के दौरान डॉक्टरों ने डोलो 650 लेने को कहा था। इस सुनवाई में जस्टिस बोपन्ना भी थे और इसे एक गंभीर मुद्दा मानते हुए सुनवाई के लिए तैयार हो गए। अब इस मामले की सुनवाई 10 दिनों बाद होगी।

Dolo-650 बनाने वाली कंपनी के खिलाफ जनहित याचिका

FMRAI [दवा प्रतिनिधि एसोसिएशन] ने इस हरकत को देखते हुए कंपनी के खिलाफ जनहित याचिका [PIL]दायर की है और इसी याचिका पर सुनवाई हो रही थी जिसमें दवाओं की कीमत पर नियंत्रण और ड्रग फार्मूलेशन पर भी सवाल उठाये गए। इसको देखते हुए Supreme Court ने केंद्र सरकार से एक हफ्ते के अंदर जवाब माँगा है और कहा कि सरकार किसी विशेष दवा को लिखने पर उपहार देने के लिए उन कंपनियों पर कार्रवाई करे।

ये भी पढ़ें…

Arvind Kejriwal की शराब पालिसी, पड़ी Manish Sisodia पर भारी