PAURI GARHWAL GULDAR: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के विकासखंड पौड़ी स्थित बमठी गांव में लंबे समय से लोगों के लिए दहशत का कारण बना आदमखोर गुलदार आखिरकार मार गिराया गया है। वन विभाग की शूटर टीम ने गुरुवार रात करीब 9 बजे घटनास्थल के पास उसे अंतिम विकल्प के तौर पर शूट कर दिया।
शुक्रवार को पशु चिकित्सकों की टीम ने गुलदार का पोस्टमार्टम किया, जिसके बाद विभागीय टीम ने एनटीए के तय मानकों के अनुसार उसके शव को नष्ट कर दिया। गुलदार के मारे जाने के बाद गांव और आसपास के इलाकों के लोगों ने बड़ी राहत महसूस की है।
PAURI GARHWAL GULDAR: 23 अप्रैल को किया था हमला
दरअसल, 23 अप्रैल को बमठी गांव की रहने वाली 70 वर्षीय सीता देवी अपने घर के पास खेत में घास काट रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए सीता देवी ने हाथ में मौजूद दराती से गुलदार पर वार करने की कोशिश की और जोर-जोर से शोर मचाया।
आवाज सुनकर ग्रामीण मौके की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक गुलदार उन्हें घसीटकर दूर झाड़ियों में ले जा चुका था। इस दर्दनाक हमले में सीता देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल फैल गया था।

वन विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान चलाया
घटना के तुरंत बाद वन विभाग ने बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया। मशहूर शिकारी जाय हुकिल, विभागीय शूटरों और अन्य कर्मचारियों समेत करीब 20 लोगों की टीम गांव में तैनात की गई। ऑपरेशन के दौरान इलाके में लगातार निगरानी रखने के लिए 4 पिंजरे लगाए गए, 4 सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, 10 कैमरा ट्रैप सक्रिय किए गए और ड्रोन की मदद से भी इलाके की निगरानी की जाती रही।
ग्रामीणों का कहना था कि इलाके में एक नहीं बल्कि दो गुलदार घूम रहे थे, जिसके बाद वन विभाग ने अभियान और तेज कर दिया। इसी बीच 4 मई को घटनास्थल के नजदीक लगाए गए एक पिंजरे में एक मादा गुलदार कैद हो गई। वन विभाग की टीम उसे रेस्क्यू कर पौड़ी ले गई, लेकिन ग्रामीण इस बात पर अड़े रहे कि यह वही आदमखोर गुलदार नहीं है जिसने सीता देवी को अपना शिकार बनाया था।
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ट्रैंकुलाइज करने के प्रयास नहीं हुए सफल
वन विभाग की एसडीओ गढ़वाल आयशा बिष्ट ने बताया कि पिछले चार दिनों से घटनास्थल के आसपास एक गुलदार लगातार दिखाई दे रहा था और विभागीय टीम उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। पहले उसे पहचान कर पिंजरे में कैद करने की कोशिश की गई।(PAURI GARHWAL GULDAR)

बाद में ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने का प्रयास भी किया गया, लेकिन दोनों प्रयास सफल नहीं हो सके। आखिरकार ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए गुरुवार रात करीब 9 बजे उसे शूट करने का फैसला लिया गया। मारा गया गुलदार करीब 8 साल का नर था और उसके एक पैर में चोट भी पाई गई। (PAURI GARHWAL GULDAR)
वन विभाग के अनुसार एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम अभी कुछ दिनों तक क्षेत्र में तैनात रहेगी, ताकि ग्रामीण खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और किसी तरह की दूसरी घटना न हो। वहीं जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार ने कहा कि वन विभाग की टीम पहले दिन से लगातार सक्रिय रही और पूरी गंभीरता के साथ अभियान चला रही थी।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई PAURI GARHWAL GULDAR से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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