TAMILNADU AIADMK BJP SPLIT: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव होने शुरु हो गये हैं। जहां एक ओर अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन मिल गया है, तो वहीं दूसरी तरफ चुनाव में हार के बाद AIADMK ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए BJP से अपना गठबंधन खत्म करने का फैसला लिया है।
TAMILNADU AIADMK BJP SPLIT: चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं
इसके साथ ही AIADMK अब NDA से भी अलग हो जाएगी। गौरतलब है कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले काफी लंबे समय बाद AIADMK और BJP फिर एक साथ आए थे। DMK को सत्ता से बाहर करने के मकसद से BJP ने AIADMK की कई शर्तें मानते हुए गठबंधन किया था।
हालांकि चुनावी नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे और हार के बाद AIADMK ने एक बार फिर BJP से दूरी बनाने का फैसला कर लिया।

AIADMK BJP का रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा
- AIADMK BJP के बीच का राजनीतिक रिश्ता हमेशा से काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। सबसे पहले 1998 में जयललिता के नेतृत्व वाली AIADMK ने BJP के साथ हाथ मिलाया था। उस समय लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के गठबंधन ने करीब 30 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी NDA सरकार को AIADMK ने समर्थन दिया।
- 1999 में जयललिता ने अचानक वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस ले लिया। समर्थन वापसी के बाद केंद्र सरकार संसद में सिर्फ एक वोट से गिर गई थी। इसके बाद 2004 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण फिर बदले। उस समय DMK ने NDA से दूरी बना ली थी, जिसके बाद BJP ने दोबारा AIADMK के साथ गठबंधन किया।
- 2014 से लेकर 2016 तक जयललिता ने BJP और NDA से दूरी बनाए रखी। इस दौरान AIADMK ने खुद को स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में पेश किया और राष्ट्रीय गठबंधन राजनीति से अलग रहना पसंद किया।
- फिर 2016 में जयललिता के निधन के बाद AIADMK के भीतर राजनीतिक अस्थिरता शुरू हुई। इसी दौर में BJP और AIADMK के रिश्ते फिर बेहतर होने लगे। 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव दोनों में AIADMK BJP ने NDA के तहत मिलकर चुनाव लड़ा।
- हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में DMK गठबंधन ने लगभग पूरी तरह जीत हासिल की और AIADMK-BJP गठबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
- 2021 विधानसभा चुनाव में AIADMK के नेतृत्व वाले NDA ने करीब 75 सीटें जरूर जीतीं, लेकिन सत्ता DMK के हाथ में चली गई।
- इसके बाद सितंबर 2023 में AIADMK ने औपचारिक रूप से AIADMK BJP और NDA से अलग होने की घोषणा कर दी। उस समय दोनों दलों के बीच कई मुद्दों को लेकर तनाव सामने आया था।
- हालांकि तमिलनाडु की राजनीति में समीकरण तेजी से बदलते रहे और 2025 में दोनों दल फिर करीब आ गए।
- अप्रैल 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah और AIADMK नेता Edappadi K. Palaniswami के बीच हुई बैठक के बाद 2026 विधानसभा चुनाव के लिए AIADMK और BJP ने दोबारा गठबंधन की घोषणा की।

कांग्रेस DMK का साथ छोड़कर विजय की पार्टी TVK की तरफ
इधर तमिलनाडु की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब कांग्रेस ने अपने पुराने सहयोगी DMK का साथ छोड़कर विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने का फैसला कर लिया। कांग्रेस के इस कदम के बाद DMK ने तीखी नाराजगी जताई और साफ कहा कि अब INDIA गठबंधन पूरी तरह टूट चुका है। DMK ने कांग्रेस के फैसले को विश्वासघात करार देते हुए उस पर गंभीर आरोप लगाए।
DMK की बैठक
इस पूरे घटनाक्रम के बाद DMK ने तुरंत एक अहम बैठक बुलाई, जिसमें चार बड़े प्रस्ताव पारित किए गए। इन प्रस्तावों में कांग्रेस के फैसले की कड़ी आलोचना की गई। स्टालिन की पार्टी ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर अपना पुराना राजनीतिक चरित्र दिखाया है। DMK ने आरोप लगाया कि जिस तरह के व्यवहार के लिए कांग्रेस दूसरे राज्यों में BJP की आलोचना करती रही है, आज वही राजनीति उसने तमिलनाडु में DMK के साथ की है।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई TAMILNADU AIADMK BJP SPLIT से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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