दिल्ली ( मनीषा रावत ) :   क्या आप एक 80 साल की औरत को 30 से 40 साल की औरत के रूप में Imagine कर सकते हैं। अब आप कहेंगें की ऐसे कई Softwares हैं जिनमें आप बूढ़े और जवान दोनों दिख सकते हैं। लेकिन अगर मैं आपसे कहूं कि इस पृथ्वी में एक जगह ऐसी है जहां की महिलाएं 80,90 साल की उम्र में भी 30-40 साल की लगती हैं तो यकीन करेंगे आप। वहीं अगर मै आपसे ये भी कहूं कि यहां के लोगों की औसत उम्र 70-80 साल नही बल्की 120 साल है तो? मुझे मालूम है कि आप में से कई लोगों का इस समय reaction होगा कुछ भी बोल रही है मगर ये सब बिलकुल सच है। इसके साथ आपको एक और हैरान करने वाली बात बताते हैं कि यहां की औरते  80 साल में भी बच्चों को जन्म दे सकती हैइस समुदाय के बारे में ऐसी कई बातें हैं जिन्हें सुनकर आपके कानों को बिलकुल विश्वास नही होगा जैसा की अभी हो भी रहा होगा मगर ये सभी बातें आपको पूरे तथ्यों के साथ बताएगें आज की इस वीडियो में।
आमतौर पर धरती में रह रहे लोगों की औसत उम्र 70 साल होती है लेकिन इसी धरती में एक जगह ऐसी भी है जहां के लोगों की औसत उम्र 120 साल है। इस समुदाय के लोग शारीरिक रूप से इतने मजबूत होते है कि इन्हें कभी हॉस्पिटल जाने तक की नौबत नही आती। इस समुदाय के लोगों को हुंजा समुदाय या फिर बुरुशो समुदाय के नाम से भी जाना जाता है। ये समुदाय उत्तरी पाकिस्तान के काराकोरम माउंटेन्स की हुंजा वैली में स्थित है। आपको बता दें कि ये जगह भारत पाकिस्तान बॉर्डर पर Pakistan Occupied Kashmir के गिलगिट बाल्टिस्तान के पहाड़ों पर स्थित है। हुंजा समुदाय के लोग मुस्लिम धर्म का पालन करते हैं और इनकी एक स्थानीय भाषा है जिसे बुरुशो या फिर बुरुशास्की भाषा कहा जाता है। हुंजा वैली में इनकी लगभग सतास्सी हजार 87000 आबादी है और इनके बारे में ऐसी कई रोचक और हैरान कर देने वाली बातें हैं जिन पर विश्वास करना बहुत मुश्किल है। ये लोग कई सालों से अन्य आबादी वाले क्षेत्रों के साथ ज्यादा संपर्क में नही हैं बावजूद इसके यहां के लोग काफी पढ़े लिखे हैं। इस घाटी में समुदाय के अंदर ही स्कूल चलाए जाते हैं और साथ ही लड़के-लड़कियों की पढ़ाई में कोई भेद भाव नही किया जाता।

जहां आमतौर पर कोई भी महिला 45 साल तक ही एक बच्चे को जन्म दे सकती हैं वहीं हुंजा समुदाय की महिलाएं 80 साल तक एक बच्चे को जन्म दे सकती है। ये जानकारी खुद वैज्ञानिकों के लिए भी हैरान कर देने वाली है क्योंकि आमतौर पर एक महिला को 50 से 55 साल की उम्र में मासिक धर्म बंद हो जाता है, जिसके कारण वो मां नही बन सकती लेकिन हुंजा समुदाय की महिलाओं का मासिक धर्म बड़ी उम्र तक चलता रहता है जिसके कारण वो 80 साल तक की उम्र में भी एक बच्चे को जन्म दे सकती हैं।

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हुंजा समुदाय के लोगों के बारे में और ज्यादा जानकारी देने से पहले आपको ये बता देते हैं कि ये लोग यहां कैसे बसे और इन लोगों के पूर्वज कौन थे। ऐसा कहा जाता है कि हुंजा समुदाय अलेक्जेंटडर द ग्रेट की सेना के वंशज हैं, जो चौथी सदी में यहां आए थे। अब ये लोग यहां क्यों और कैसे बसे इसे जान लेते हैं ऐसा कहा जाता है कि जब अलेक्जेंडर के सैनिक लड़ाई के लिए भारत आए थे तो इनमें से कुछ सैनिक कमजोरी और लड़ाई में घायल होने की वजह से लौट ना सके और उस वक्त सिकंदर की सेना को अपने सैनिकों को यहीं छोड़ना पड़ा और बस उसी समय से वो भारत में बस गए। इसके बाद हिंदुस्तान का विभाजन हुआ और हुंजा समुदाय Pakistan Occupied Kashmir में चला गए।
अब बात करते हैं हुंजा समुदाय के स्वाथ्य और सेहत की कि कैसे ये लोग 150 साल तक जीवित रहते हैं और कैसे इतने जवान और खूबसूरत नजर आते हैं। हुंजा समुदाय के लोगों को शायद ही कभी अस्पताल जाने की जरूरत पड़ी होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकी इनका खानपान बाकी लोगों से काफी अलग होता है ये लोग अपने खान पान में पूरी तरीके से ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ शामिल करते हैं। इनके भोजन में ज्यादा से ज्यादा फल-सब्जियां शामिल होती हैं और ये लोग ज्यादातर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में खूबानी शामिल करते हैं। जिनको नही मालूम उनको बता दें कि खूबानी के बीज में एमीग्डामलिन पाया जाता है जो की मधुमय और कैंसर के रोगों को दूर रखता है इसके साथ ही खूबानी विटामिन बी-17 का एक अच्छा सोर्स होता है जो कैंसर की कोशिकाओं को खत्म करता है और बाकी कोशिकाओं को भी सुरक्षित रखता है। इसके साथ ही ये हमारे शरीर के कई खराब अंगों का इलाज करता है जैसे की आंते फेफड़े स्तन लिम्फोमा आदी और इसी कारण खूबानी का सेवन करने से हुंजा समुदाय के लोग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों की चपेट में कभी नही आए। ये भी पढ़े-सऊदी अरब ने क्यों लिया ऐसा फैसला ? भारत को दिया बड़ा झटका

हुंजा समुदाय के लोगों के बारे में काफी कम लोगों को जानकारी है मगर इनकी जिंदगी से जुड़े कई रोचक तथ्यों के कारण इनके ऊपर कई किताबें लिखी गई हैं। इनमें से JI Rodale की ‘The Healthy Huzans’ और Dr joe clark की the lost kingdom of himalayas प्रमुख किताबें हैं. इनके अलावा 1937 में Hollywood की एक फिल्म आई थी जिसका नाम है Lost Horizon. ये फिल्म James Hilton के उपन्यास पर आधारित है जिसमें हुंजा समुदाय का भी उल्लेख किया गया है। ये भी पढ़े-इस बॉलीवुड एक्ट्रेस को नहीं पहचान पाएंगे आप, बीमारी ने कर दिया ऐसा हाल