/ Mar 02, 2026
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IRAN ISRAEL WAR 2026: मध्य पूर्व में जारी भीषण सैन्य संघर्ष आज अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू की गई इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई ने अब एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लिया है। इस युद्ध को अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और इजरायल ने ‘रोअरिंग लायन’ नाम दिया है। आज सुबह की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर यह है कि ईरानी स्टेट मीडिया ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इस खबर के बाद पूरे ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है।

सोमवार सुबह इजरायली वायुसेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों (दहियाह) पर जोरदार हवाई हमले किए। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन हमलों में अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 140 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर किए गए रॉकेट हमलों का जवाब है। इजरायल ने विशेष रूप से तेहरान स्थित सरकारी इमारतों और प्रमुख ट्रांसमिशन केंद्रों को निशाना बनाया है, जिससे वहां संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है।

सर्वोच्च नेता की मौत के बाद ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने इस बात की पुष्टि की है कि कुवैत में स्थित उनके ठिकाने पर हुई ईरानी मिसाइल गोलाबारी में 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और 5 गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा ईरान ने सऊदी अरब, यूएई (दुबई और अबू धाबी), कतर और बहरीन में भी मिसाइलें दागी हैं। इजरायल के ‘बेइत शेमेश’ शहर में हुए ईरानी हमले में भी 9 नागरिकों की मौत की दुखद खबर सामने आई है।

इस संघर्ष में दुनिया के विभिन्न देश अब स्पष्ट रूप से दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। एक ओर अमेरिका और इजरायल मुख्य हमलावर की भूमिका में हैं, जिन्हें ब्रिटेन का कूटनीतिक और सैन्य समर्थन प्राप्त है। ब्रिटेन ने अपने साइप्रस स्थित सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति भी दे दी है। वहीं दूसरी ओर, ईरान के समर्थन में ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ पूरी तरह सक्रिय है। इसमें लेबनान का हिजबुल्लाह, यमन के हुथी विद्रोही और इराक के सशस्त्र मिलिशिया गुट शामिल हैं, जो लगातार अमेरिकी जहाजों और ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। खाड़ी देश जैसे सऊदी अरब और यूएई अपनी रक्षा के लिए ईरानी मिसाइलों को मार गिरा रहे हैं।

IRAN ISRAEL WAR 2026 के कारण वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। हवाई यातायात पर भी इसका सीधा असर पड़ा है; भारत के बेंगलुरु एयरपोर्ट पर आज 24 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि केरल से खाड़ी देशों के लिए जाने वाली उड़ानों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। सुरक्षा कारणों से यूएई ने अपने शेयर बाजारों को 2 और 3 मार्च के लिए बंद कर दिया है। दुबई और दोहा जैसे बड़े शहरों में मिसाइल अलर्ट के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।

इस वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर वार्ता की है। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और वहां रह रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। भारत ने क्षेत्र में तुरंत तनाव कम करने और कूटनीतिक रास्तों से शांति बहाली की अपील की है। दूसरी ओर, रूस और चीन ने ईरान पर हुए इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। फिलहाल क्षेत्र में शांति की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है और युद्ध की विभीषिका लगातार बढ़ती जा रही है।

इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर किया हमला, एयरपोर्ट और कई मंत्रालयों को बनाया गया निशाना
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