क्यों इस गांव में किसी भी घर में नही होते हैं दरवाजे ? जानिए

0
495

यूं तो हम सभी के घरों में दरवाजे होते हैं औऱ आप बिना दरवाजे वाले घरों की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां घरों के आगे दरवाजे नहीं होते औऱ सबसे खास बात ये है कि यहां दुकानें भी खुली छोड़ दी जाती हैं बावजूद इसके लोग इस गांव में अपने आप को सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करते हैं। ये गांव है महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर।

ये केवल महाराष्ट्र ही नहीं ब्लकि पूरे देश में अपने अनोखे घरों के लिए जाने जाते हैं। लोगों का मानना है कि गांव के संरक्षक शनि देव हैं जिन पर उनका अटूट विश्वास है। यहां हर किसी के घर में एक ही नजारा आपको देखने को मिलेगा। यहां के लोग बेफिक्र रहते हैं यहां लोगों को इस बात की चिंता नहीं रहती है कि बिना दरवाजे के उनके घरों में चोरी हो जाएगी और ना ही यहां पर कोई चोरी होती है।
इस गांव के लोगों की शनि देव मे इतनी आस्था है कि लोगों का मानना है कि शनि महाराज ही उनके घरों की रक्षा करते हैं।

माना जाता है कि शनि महाराज के कोप के चलते यहां कोई चोर फटकता तक नहीं। ऐसा यहां पर पिछले 350 सालों से होता आ रहा है।
पौराणिक कथाओं के मुताबिक यहां के निवासियों के मुताबिक आज से करीब 350 साल पहले इस गांव में खतरनाक बारिश हुई थी जिसमें सभी गांव के लोगों के घरों के दरवाजे बह गए थे। उसी बारिश के दौरान एक फुट से भी चौड़ी काले पत्थर की शिला बहकर यहां आई। यह शिला गांव के किनारे एक पेड़ के सहारे खड़ी हो गई। इसे गांव के चरवाहों ने देखा और वहां से इस शिला को हटाना चाहा तो इसमें खून बहने लगा तो लोगों ने इस शिला को वैसे ही छोड़ दिया।
और इसके बाद शनि महाराज किसी के सपने में आए और कहा कि यहां किसी भी घर में दरवाजे लगाने की जरुरत नहीं है यहां कोई डर नहीं है। इसके बाद गांव वालों ने इसे भगवान की प्रतिमा समझकर पूजना शुरू किया औऱ वहां पर एक मंदिर बना दिया । गांव वालों का कहना है कि शनि महाराज यहां कई चमत्कार अभी तक कर चुके हैं। शनि महाराज यहां सभी के घरों की रक्षा करते हैं।

शनि शिंगणापुर गांव की जनसंख्या लगभग 3 हजार के करीब है। दरवाजे ना होना, घरों में यहां सूटकेस अलमारी जैसी चीजें भी नहीं होती है लोगों का कहना है कि ऐसा शनि महाराज की आज्ञा से किया जाता है।