भारत में VPN Rules को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है, क्योंकि सरकार VPN कंपनियों पर निगरानी और सख्त करने की तैयारी में है। बहुत से लोग अब भी नहीं जानते कि भारत में VPN सर्वर लगाने के लिए कंपनियों को कौन सी शर्तें माननी पड़ती हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ExpressVPN, NordVPN और Surfshark जैसी बड़ी विदेशी कंपनियों ने अपने भारतीय सर्वर क्यों हटा लिए।
क्या है CERT-In का 2022 वाला निर्देश?
28 अप्रैल 2022 को भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) ने आईटी एक्ट की धारा 70B के तहत नया साइबर सुरक्षा निर्देश जारी किया था। यह नियम सिर्फ VPN कंपनियों पर नहीं, बल्कि डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विस, VPS प्रोवाइडर और क्रिप्टो एक्सचेंज पर भी लागू होता है। पहले इसे 27 जून 2022 से लागू होना था, लेकिन कंपनियों की मांग पर समय सीमा बढ़ाकर 25 सितंबर 2022 कर दी गई।
VPN Rules के तहत कंपनियों को कौन सा डेटा रखना होता है?
नए VPN Rules के मुताबिक भारत में सर्वर चलाने वाली हर VPN कंपनी को अपने ग्राहकों की जानकारी कम से कम 5 साल तक सुरक्षित रखनी होगी। इसमें ग्राहक का सत्यापित नाम, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, पता, दिया गया IP एड्रेस, सेवा लेने की अवधि और सेवा लेने का मकसद शामिल है। खास बात यह है कि ग्राहक के सब्सक्रिप्शन खत्म करने के बाद भी यह डेटा रखना जरूरी है।
इसके अलावा कंपनियों को अपने सिस्टम के लॉग 180 दिन तक भारत में ही रखने होते हैं। किसी भी साइबर हमले या डेटा लीक की जानकारी 6 घंटे के अंदर CERT-In को देनी होती है। हर कंपनी को CERT-In से संपर्क के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी भी नियुक्त करना होता है।
विदेशी कंपनियों ने भारतीय सर्वर क्यों हटाए?
ज्यादातर बड़ी VPN कंपनियां “नो-लॉग पॉलिसी” पर काम करती हैं, यानी वे यूजर की ऑनलाइन गतिविधि का कोई रिकॉर्ड नहीं रखतीं। कई कंपनियां RAM आधारित सर्वर इस्तेमाल करती हैं, जिनमें रीस्टार्ट होते ही सारा डेटा मिट जाता है।
ऐसे में 5 साल तक डेटा रखना उनके पूरे बिजनेस मॉडल के खिलाफ था। ExpressVPN ने जून 2022 में सबसे पहले भारतीय सर्वर हटाए और कहा कि ये नियम VPN के असली मकसद से मेल नहीं खाते।
इसके बाद Surfshark, NordVPN, Hide.me, Proton VPN और IPVanish ने भी भारत से अपने फिजिकल सर्वर हटा लिए। कंपनियों का तर्क था कि यूजर की प्राइवेसी उनकी पहली जिम्मेदारी है। वहीं सरकार ने साफ कर दिया कि नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी, कंपनियां या तो नियम मानें या भारत से बाहर जाएं।
क्या भारत में VPN इस्तेमाल करना गैरकानूनी है?
नहीं, आम लोगों के लिए भारत में VPN चलाना पूरी तरह कानूनी है। VPN Rules का दबाव सर्विस देने वाली कंपनियों पर है, यूजर पर नहीं। ज्यादातर कंपनियां अब “वर्चुअल इंडियन सर्वर” देती हैं। इसमें आपको भारतीय IP एड्रेस मिलता है, लेकिन असली सर्वर सिंगापुर या लंदन जैसी जगहों पर होता है।
हालांकि सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर के काम के लिए थर्ड पार्टी VPN इस्तेमाल न करने का निर्देश दिया जा चुका है। याद रखें, VPN लगाकर किया गया कोई भी गैरकानूनी काम अपराध ही माना जाएगा।

2026 में क्या नया बदलाव आ रहा है?
रिपोर्टों के मुताबिक अप्रैल 2026 में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने VPN कंपनियों से प्रतिबंधित सट्टेबाजी और प्रेडिक्शन मार्केट वेबसाइटों का एक्सेस रोकने को कहा। जुलाई 2026 में आई खबरों के अनुसार सरकार ऐसे नए नियमों पर काम कर रही है, जिनमें VPN कंपनियों को भारत में ऑफिस खोलना और स्थानीय कंप्लायंस अधिकारी नियुक्त करना पड़ सकता है। अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो VPN Rules का दायरा विदेशी सर्वर वाली कंपनियों तक भी पहुंच सकता है।
यूजर्स को क्या ध्यान रखना चाहिए?
फ्री VPN ऐप से बचें, क्योंकि कई बार वही आपका डेटा बेच देते हैं। हमेशा भरोसेमंद और साफ प्राइवेसी पॉलिसी वाली सर्विस ही चुनें। VPN और ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए ये लेख भी पढ़ें: क्या VPN इस्तेमाल करने पर पुलिस आपकी लोकेशन पता लगा सकती है?, VPN से ऑनलाइन बैंकिंग और UPI कितना सुरक्षित है? और DNS Server क्या है?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. भारत में VPN Rules किस एजेंसी ने बनाए हैं?
ये नियम CERT-In ने 28 अप्रैल 2022 को आईटी एक्ट की धारा 70B के तहत जारी किए थे।
2. VPN Rules के तहत यूजर डेटा कितने समय तक रखना होता है?
VPN कंपनियों को ग्राहकों की जानकारी कम से कम 5 साल तक रखनी होती है, सब्सक्रिप्शन खत्म होने के बाद भी।
3. क्या भारत में VPN पर बैन लग गया है?
नहीं, VPN पर कोई बैन नहीं है। आम यूजर कानूनी तरीके से VPN इस्तेमाल कर सकते हैं।
4. VPN Rules से जुड़ी आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
साइबर सुरक्षा निर्देशों और नए अपडेट की आधिकारिक जानकारी CERT-In की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
आगे और समाचार पढ़े:
Cyclone Murasu Crosses Andhra Pradesh Coast With Winds of Up to 120 Kmph, IMD Issues Weather Alert
Netanyahu Pushes Donald Trump for Fresh Iran Strikes Amid Growing War Fears
Hybrid और Plug-in Hybrid कार में क्या अंतर है? आपके लिए कौन सी है बेहतर?
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

