UTTARAKHAND WEATHER UPDATE: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अजीबोगरीब बना हुआ है। ‘सूखी ठंड’ ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। राज्य में कुदरत की दोहरी मार देखने को मिल रही है। एक तरफ पहाड़ बर्फबारी के इंतजार में ठिठुर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मैदानी इलाके घने कोहरे की चादर में लिपटे हुए हैं। केदारनाथ धाम में तापमान गिरकर माइनस 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, मौसम विभाग ने आज हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर समेत 6 जिलों में कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में सुबह के वक्त विजिबिलिटी इतनी कम हो गई है कि गाड़ियों की रफ्तार थम गई है और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है।

UTTARAKHAND WEATHER UPDATE: चार जिलों में बर्फबारी का अलर्ट, लेकिन बारिश का इंतजार
मौसम विभाग ने राज्य के ऊंचाई वाले चार जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। विशेष रूप से 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है। हालांकि, बाकी प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। बारिश न होने के कारण यह सूखी ठंड बीमारियों को न्योता दे रही है और किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 23 से 26 दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा, लेकिन 27 दिसंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर मौसम में बड़ा बदलाव आ सकता है और अच्छी बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

देहरादून की हवा में घुला जहर, सांस लेना हुआ मुश्किल
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी उत्तराखंड की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अपनी साफ हवा के लिए मशहूर देहरादून अब गैस चैंबर बनता जा रहा है। लगातार छठे दिन भी दून का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 200 के पार दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। आज देहरादून का AQI 202 रहा, जबकि ऋषिकेश की हालत और भी खराब है जहां AQI 208 तक पहुंच गया है। हलद्वानी और बाजपुर में भी हवा की गुणवत्ता खराब है। राहत की बात यह है कि अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी शहर अभी भी साफ हैं, जहां AQI 133 है।

UTTARAKHAND WEATHER UPDATE: अलाव बने सहारा, प्रशासन ने बढ़ाए इंतजाम
मैदानी इलाकों में गिरते तापमान और ठिठुरन को देखते हुए प्रशासन भी हरकत में आ गया है। देहरादून नगर निगम ने शहर में अलाव जलाने की व्यवस्था को बढ़ा दिया है। नगर आयुक्त नमामी बंसल ने रैन बसेरों का निरीक्षण करने के बाद शहर में करीब 50 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोगों को ठंड से बचाया जा सके। लोग सुबह-शाम गर्म कपड़ों में लिपटे और आग तापते नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों ने भी इस जहरीली हवा और सूखी ठंड में बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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