UTTARAKHAND MOBILE MEDICAL UNITS: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने आवास से एक नई स्वास्थ्य पहल की शुरुआत की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से “ग्रामीण गढ़वाल समग्र स्वास्थ्य सेवा परियोजना” के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह परियोजना राज्य के उन इलाकों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है, जहां भौगोलिक विषमताओं के कारण स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती थीं। इस पहल की शुरुआत ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल, देहरादून द्वारा की गई है।
UTTARAKHAND MOBILE MEDICAL UNITS: चमोली और टिहरी गढ़वाल से हुई पहले चरण की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, इस परियोजना का प्रथम चरण राज्य के दो प्रमुख पर्वतीय जनपदों, चमोली और टिहरी गढ़वाल में आरंभ किया गया है। इन दोनों जिलों की भौगोलिक स्थिति काफी कठिन है और यहां के कई गांव मुख्य सड़कों से काफी दूर बसे हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए, शुरुआत में यहां दो पूर्णतः सुसज्जित मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को तैनात किया गया है। ये हाई-टेक मेडिकल वैन इन जिलों के अंदरूनी इलाकों में जाकर लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करेंगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ का कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

UTTARAKHAND MOBILE MEDICAL UNITS: मोबाइल यूनिट में मिलेंगी 29 से अधिक निशुल्क जांचें
इन मोबाइल मेडिकल यूनिट्स में सामान्य चिकित्सा से लेकर विशेष जांचों तक की सुविधा मौजूद रहेगी। परियोजना के तहत इन वाहनों के माध्यम से ग्रामीणों को 29 से अधिक प्रकार की पैथोलॉजी जांचें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। अक्सर देखा जाता है कि छोटी-छोटी खून की जांचों के लिए ग्रामीणों को मीलों का सफर तय करके शहरों की ओर जाना पड़ता है, लेकिन अब यह सुविधा उनके गांव में ही मिल सकेगी। इसके अलावा, मरीजों को निशुल्क दवा वितरण की भी व्यवस्था की गई है। नेत्र जांच, स्वास्थ्य परामर्श और गंभीर मामलों में बड़े अस्पतालों के लिए रेफरल सेवाएं भी ये यूनिट्स प्रदान करेंगी।
मुख्यमंत्री का संकल्प: कोई भी इलाज से वंचित न रहे
वाहनों को फ्लैग-ऑफ करते समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का यह दृढ़ संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक भौगोलिक दूरी या आर्थिक तंगी के कारणों से स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल की यह पहल उनकी प्रेरणा से शुरू की गई है और यह दूरस्थ गांवों तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का कार्य आसान बनाएगी। सीएम ने जोर देकर कहा कि जब डॉक्टर और दवाएं खुद मरीज के पास पहुंचेंगे, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा और मजबूत होगा।

UTTARAKHAND MOBILE MEDICAL UNITS: गांव, कस्बों और स्कूलों तक पहुंचेगी डॉक्टरों की टीम
हर मोबाइल यूनिट में एक क्वालिफाइड डॉक्टर भी मौजूद रहेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श मिल सके। ये यूनिट्स केवल एक जगह खड़ी नहीं रहेंगी, बल्कि एक निर्धारित रोस्टर के अनुसार अलग-अलग जगहों का दौरा करेंगी। योजना के मुताबिक, ये यूनिट्स गांव-गांव, कस्बों, स्कूलों और स्थानीय बाजारों में तय समय पर जाकर चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराएंगी। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा जो अक्सर अस्पताल जाने में असमर्थ होते हैं। (UTTARAKHAND MOBILE MEDICAL UNITS)
ग्राफिक एरा का सामाजिक सरोकार
इस मौके पर ग्राफिक एरा समूह के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एवं हॉस्पिटल के चेयरमैन कमल घनसाला ने मुख्यमंत्री को इस परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। उनके साथ डॉ. पुनीत त्यागी, डॉ. एस.एल. जेठानी, मेजर जनरल (रिटायर्ड) ओ.पी. सोनी और डॉ. सुभाष गुप्ता भी उपस्थित थे। इन सभी ने मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आने वाले समय में इस परियोजना के विस्तार से अन्य जिलों को भी जोड़े जाने की संभावना है, जिससे “स्वस्थ उत्तराखंड” का सपना साकार हो सके।

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