UTTARAKHAND CONGRESS: उत्तराखंड की राजनीति में चुनाव से पहले एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी AICC मुख्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तराखंड के 6 प्रभावशाली नेताओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह कार्यक्रम उत्तराखंड प्रभारी कुमारी शैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में संपन्न हुआ।
कौन-कौन से नेता UTTARAKHAND CONGRESS में हुए शामिल?
कांग्रेस में शामिल होने वाले नेताओं में रुद्रपुर से दो बार भाजपा विधायक रह चुके राजकुमार ठुकराल प्रमुख नाम हैं। उनके साथ घनसाली विधानसभा से 2012 में भाजपा विधायक रहे भीम लाल आर्या और सितारगंज से बसपा के पूर्व विधायक नारायण पाल ने भी कांग्रेस का दामन थामा। इसके अलावा रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल, मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता और भीमताल क्षेत्र से ब्लॉक प्रमुख व जिला परिषद सदस्य रहे लखन सिंह नेगी ने भी UTTARAKHAND CONGRESS में प्रवेश किया।

किन विधानसभा क्षेत्रों पर होगा असर?
इन नेताओं की एंट्री का सीधा प्रभाव मसूरी, रुड़की, सितारगंज, भीमताल, घनसाली और रुद्रपुर जैसी विधानसभा सीटों पर देखने को मिल सकता है। ये सभी क्षेत्र राजनीतिक रूप से अहम माने जाते हैं और यहां पहले से भाजपा की मजबूत मौजूदगी रही है। कांग्रेस अब इन सीटों पर नए शामिल नेताओं की स्थानीय पकड़ के जरिए अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
UTTARAKHAND CONGRESS नेताओं ने क्या कहा?
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उन्होंने प्रदेश प्रभारी को उन नेताओं की एक लंबी सूची उपलब्ध कराई है जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आज 6 नेताओं ने कांग्रेस ज्वाइन की है और आगे भी यह जॉइनिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी। भविष्य में भाजपा के और भी वरिष्ठ नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की बात कही गई है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने कहा कि जिस तरह भाजपा की नीतियों से जनता का मोहभंग हो रहा है, उसी तरह भाजपा के नेताओं का भी पार्टी से विश्वास कम हो रहा है और उनका भरोसा कांग्रेस की नीतियों में बढ़ रहा है।

अलग-अलग दलों से आए नेताओं की स्थानीय पकड़
UTTARAKHAND CONGRESS में शामिल हुए नेता अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हैं। राजकुमार ठुकराल और भीम लाल आर्या भाजपा के विधायक रह चुके हैं, जबकि नारायण पाल बसपा से विधानसभा पहुंचे थे। रुड़की के पूर्व महापौर गौरव गोयल और मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता भी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावशाली माने जाते हैं। कांग्रेस इन सभी के जनाधार को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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