NEET ASPIRANT SUICIDE: देश में नीट पेपर के लीक होने के बवाल के बीच उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां गंगोत्रीनगर इलाके में इक्कीस वर्षीय नीट अभ्यर्थी रितिक मिश्रा ने चौदह मई को कथित तौर पर अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
परिवार का कहना है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द होने से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
तीसरी बार दे रहा था नीट, इस बार थी बड़ी उम्मीद
जानकारी के मुताबिक रितिक मिश्रा इस बार तीसरी बार नीट परीक्षा में शामिल हुआ था। परिवार का कहना है कि उसे अपनी तैयारी पर पूरा भरोसा था और इस बार अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। रितिक के पिता अनूप मिश्रा ने बताया कि उनका बेटा कई वर्षों से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था।
परिवार के अनुसार, पेपर लीक के आरोपों के बाद अचानक परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे अंदर से तोड़ दिया। उसे लगने लगा था कि उसकी सालों की मेहनत और संघर्ष बेकार हो गया है। भविष्य को लेकर वह लगातार तनाव और अनिश्चितता महसूस कर रहा था।
NEET ASPIRANT SUICIDE मामले में पुलिस जांच में जुटी
रितिक मूल रूप से ईसानगर थाना क्षेत्र के हसनपुर कटौली गांव का रहने वाला था और घटना के समय लखीमपुर स्थित अपने घर पर था। परिवार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद उसने अपनी गहरी निराशा और चिंता कई बार जाहिर की थी।
लखीमपुर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने बंद कमरे से रितिक का शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिवार और करीबी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

नीट-यूजी 2026 विवाद से देशभर में बढ़ी चिंता
NEET ASPIRANT SUICIDE की घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में भारी विवाद और असंतोष का माहौल है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यानी एनटीए ने तीन मई को आयोजित हुई परीक्षा को कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया था।
जांच एजेंसियों को असली प्रश्न पत्र और पहले से वायरल गेस पेपर्स के बीच समानताएं मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई कई राज्यों में पेपर लीक नेटवर्क की जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
लाखों छात्र प्रभावित, देशभर में प्रदर्शन जारी
रिपोर्ट्स के अनुसार परीक्षा रद्द होने से देशभर के चौबीस लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। पुनर्परीक्षा की तारीख, एडमिशन प्रक्रिया और भविष्य को लेकर छात्रों के बीच भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
दिल्ली, मुंबई समेत कई बड़े शहरों में छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग उठा रहे हैं। इस बीच सरकारी अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही नई परीक्षा तिथियों और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जारी की जाएगी।

री-एग्जाम परीक्षा 21 जून रविवार को
अब NEET-UG 2026 की री-एग्जाम परीक्षा 21 जून, रविवार को आयोजित की जाएगी। छात्रों को इस बार कुछ अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएंगी। शिक्षा मंत्री के अनुसार री-एग्जाम में परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा। इसके अलावा छात्र अपनी सुविधा के अनुसार पसंदीदा परीक्षा केंद्र भी चुन सकेंगे।
इसके इलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज शुक्रवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 3 मई को आयोजित हुई NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक की गड़बड़ी सामने आई थी।
गौरतलब है कि 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए 5400 से अधिक एग्जाम सेंटर बनाए गए थे।
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