HomeLatest Newsअप्रैल से डोर-टू-डोर SIR अभियान चलाया जाएगा, प्री-SIR फेज में 85 फीसदी...

अप्रैल से डोर-टू-डोर SIR अभियान चलाया जाएगा, प्री-SIR फेज में 85 फीसदी से अधिक मैपिंग पूरी हुई

UTTARAKHAND SIR: उत्तराखंड में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम यानी SIR की तैयारियां तेज हो गई हैं। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस कार्यक्रम की तैयारियों और प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन में प्रदेश में प्री-SIR फेज में 85 प्रतिशत से अधिक मैपिंग का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है।

डॉ. जोगदंडे ने बताया कि अप्रैल माह से प्रदेश में और भी सघन डोर-टू-डोर UTTARAKHAND SIR अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में कम मैपिंग वाले बूथों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि मैपिंग का कार्य पूरी तरह पूर्ण किया जा सके। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक बूथ पर अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत यानी ASD सूची भी तैयार की जा रही है, जिससे मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य और अधिक गहनता से किया जा सके।

UTTARAKHAND SIR:  BLO से कॉल बुक करने की नई सुविधा

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए “बुक ए कॉल विद बीएलओ” नामक एक नई सुविधा शुरू की है। इस सुविधा के जरिए मतदाता एक क्लिक पर अपने बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर या ECI-NET मोबाइल ऐप डाउनलोड करके यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर BLO द्वारा स्वयं मतदाता से संपर्क किया जाएगा।

UTTARAKHAND SIR
UTTARAKHAND SIR

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से UTTARAKHAND SIR के लिए शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट्स यानी BLA नियुक्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11,733 पोलिंग बूथों के सापेक्ष सभी दलों द्वारा मिलाकर केवल 19,116 BLA की ही नियुक्ति हो पाई है। दलवार आंकड़ों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने 9,276, कांग्रेस पार्टी ने 9,506, सीपीआई (एम) ने 217 और बसपा ने 117 BLA नियुक्त किए हैं। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी उपस्थित रहे।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम यानी SIR क्या होता है?

विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) मुख्य रूप से भारत के चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को पूरी तरह शुद्ध और अपडेट करने के लिए चलाया जाने वाला एक अभियान है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे और मतदाता सूची में कोई भी गलत जानकारी न हो। आम तौर पर मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण हर साल होता है, लेकिन जब चुनाव करीब होते हैं या आयोग को लगता है कि सूचियों में बड़े सुधार की जरूरत है, तब SIR कार्यक्रम लागू किया जाता है। इस दौरान सरकारी कर्मचारी और बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर डेटा का मिलान करते हैं।

UTTARAKHAND SIR
UTTARAKHAND SIR

इस कार्यक्रम के तहत कुछ खास कामों पर जोर दिया जाता है। इसमें उन युवाओं के नाम जोड़े जाते हैं जो 1 जनवरी या आयोग द्वारा तय की गई अगली तारीख तक 18 साल के हो रहे हैं। साथ ही, उन लोगों के नाम हटाए जाते हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो उस इलाके को छोड़कर कहीं और चले गए हैं। अगर किसी के नाम, पते या फोटो में कोई गलती होती है, तो उसे भी इसी दौरान ठीक किया जाता है। SIR के दौरान प्रशासन विशेष कैंप भी लगाता है ताकि लोग आसानी से अपना नाम चेक कर सकें या नए फॉर्म भर सकें। (UTTARAKHAND SIR)

ये भी पढ़िए- DEHRADUN HARIDWAR RISHIKESH CORRIDOR में होगा स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, बाईपास और पार्किंग प्रबंधन पर जोर

ये भी पढ़िए- सरकार ने PETROL DIESEL EXCISE DUTY घटाई, जानिए आम आदमी पर क्या पड़ेगा इसका प्रभाव?

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

WhatsApp Group
Join Now
DevbhoomiNews Desk
DevbhoomiNews Desk
Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
RELATED ARTICLES

Most Popular