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पैकेज्ड फूड खरीदते समय लेबल पढ़ना क्यों है जरूरी? Added Sugar और Total Sugar का गणित समझिए!

पैकेज्ड फूड खरीदते समय लेबल पर Added Sugar Total Sugar Difference दोनों शब्द देखकर अक्सर लोग कन्फ्यूज हो जाते हैं कि इनमें से किस पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। कई लोग तो इन दोनों को एक ही चीज समझ लेते हैं, जबकि सेहत के लिहाज से इनमें काफी बड़ा फर्क होता है।

Total Sugar का मतलब क्या होता है?

टोटल शुगर का मतलब है किसी भी फूड प्रोडक्ट में मौजूद सारी शुगर, चाहे वह प्राकृतिक रूप से आई हो या ऊपर से मिलाई गई हो। इसमें दूध में मौजूद लैक्टोज, फलों में मौजूद फ्रक्टोज और मैन्युफैक्चरिंग के दौरान डाली गई शुगर, सभी शामिल होती हैं। यही वजह है कि सिर्फ टोटल शुगर का आंकड़ा देखकर यह समझना मुश्किल हो जाता है कि उसमें से कितनी शुगर असल में जरूरी नहीं थी।

Added Sugar Total Sugar Difference

एडेड शुगर टोटल शुगर का ही एक हिस्सा है, जो प्रोसेसिंग, पैकेजिंग या तैयार करते समय अलग से मिलाई जाती है। उदाहरण के लिए, एक प्लेन दही में सिर्फ प्राकृतिक लैक्टोज से पांच ग्राम टोटल शुगर हो सकती है, जबकि उसमें एडेड शुगर शून्य होती है। वहीं फ्लेवर्ड और मीठी दही में यही टोटल शुगर अठारह ग्राम तक हो सकती है, जिसमें से तेरह ग्राम सिर्फ एडेड शुगर से आती है।

भारत में फूड लेबल पर फिलहाल क्या दिखाना अनिवार्य है?

भारत में फिलहाल FSSAI के नियमों के तहत पैकेज्ड फूड पर Added Sugar Total Sugar, नमक और सैचुरेटेड फैट को बोल्ड और बड़े फॉन्ट में दिखाना अनिवार्य किया गया है। यह बदलाव फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स लेबलिंग रेगुलेशन में किए गए संशोधन के तहत लागू हुआ है। फिलहाल भारत में अलग से एडेड शुगर का आंकड़ा दिखाना अनिवार्य नहीं है, हालांकि इस पर नियामक स्तर पर चर्चा जारी है।

Added Sugar Total Sugar
Added Sugar Total Sugar

डेड शुगर बनाम टोटल शुगर पर बहस क्यों चल रही है?

फ्रंट ऑफ पैक वॉर्निंग लेबल को लेकर यह सवाल उठता रहा है कि हाई शुगर की पहचान के लिए कौन सा मानक बेहतर रहेगा। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ एडेड शुगर पर फोकस करने से कुल शुगर लोड कम करके दिखाया जा सकता है। वहीं लैब टेस्टिंग में टोटल शुगर को मापना ज्यादा आसान और भरोसेमंद माना जाता है, जबकि एडेड शुगर की सटीक जांच मुश्किल रहती है।

लेबल पढ़ते समय क्या ध्यान रखें?

अगर प्रोडक्ट में दूध, फल या साबुत अनाज जैसी प्राकृतिक चीजें शामिल हैं, तो टोटल शुगर में से कुछ हिस्सा स्वाभाविक रूप से ज्यादा हो सकता है। वहीं अगर इनग्रेडिएंट लिस्ट में शुगर, सिरप, हनी या फ्रूट कॉन्सन्ट्रेट जैसे शब्द ऊपर की तरफ दिखें, तो यह एडेड शुगर के ज्यादा होने का संकेत माना जाता है।

सेहत से जुड़ी अन्य जरूरी जानकारी के लिए Air Fryer Health वाला लेख भी पढ़ा जा सकता है। स्वास्थ्य से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए National TB Elimination Programme वाली जानकारी भी उपयोगी रहेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या Total Sugar हमेशा Added Sugar से ज्यादा खतरनाक होती है?
जरूरी नहीं, अगर टोटल शुगर मुख्य रूप से प्राकृतिक स्रोतों से आ रही है, तो यह उतनी चिंता की बात नहीं मानी जाती।

2. क्या भारत में एडेड शुगर अलग से लेबल पर दिखाना अनिवार्य है?
फिलहाल नहीं, अभी टोटल शुगर दिखाना अनिवार्य है, एडेड शुगर को लेकर नियम पर चर्चा चल रही है।

3. डायबिटीज के मरीजों को किस आंकड़े पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?
इसके लिए डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूरी है, क्योंकि हर व्यक्ति की जरूरत अलग हो सकती है।

4. Added Sugar Total Sugar Difference से जुड़ी आधिकारिक और ताज़ा जानकारी कहां मिलेगी?
इसकी पूरी जानकारी FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर मिल जाती है।

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। यह जानकारी सिर्फ सामान्य उद्देश्य के लिए है और इसे मेडिकल सलाह न समझें। किसी भी खास डाइट या स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या डाइटिशियन से जरूर सलाह लें।

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