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गुरुग्राम हिट एंड रन केस: कल्याण सिंह बैंसला और चचेरे भाई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, महिला बाइकर को टक्कर मारने का आरोप

गुरुग्राम के चर्चित हिट एंड रन मामले में आरोपी कल्याण सिंह बैंसला और उनके चचेरे भाई लवनीश बैंसला को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक सवार शिवानी चौहान सिया को कथित तौर पर कार से टक्कर मारने के मामले ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा पैदा कर दी है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज की और मामले में गंभीर धाराएं जोड़ीं।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। अदालत ने पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले की जांच अब आगे के साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जारी है।

गुरूग्राम गोल्फ कोर्स रोड पर क्या हुआ था? गुरु

यह घटना गुरुग्राम की गोल्फ कोर्स रोड पर हुई थी। पुलिस और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर आरोप है कि एक कार ने महिला बाइक सवार का पीछा किया और बाद में उसे टक्कर मार दी। रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच सड़क पर विवाद जैसी स्थिति बनी थी।

महिला बाइक सवार शिवानी चौहान सिया ने घटना का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि कार चालक ने जानबूझकर अपनी दिशा बदली और उनकी बाइक को टक्कर मारी। उनके अनुसार, टक्कर के बाद कार चालक मौके पर नहीं रुका और घायल व्यक्ति की मदद करने की कोशिश भी नहीं की गई।

दूसरी ओर, आरोपी कल्याण बैंसला ने जानबूझकर टक्कर मारने के आरोप से इनकार किया है। उनका दावा है कि उन्हें बाइक सवारों से मारपीट का डर था और इसी वजह से उन्होंने वहां से निकलने की कोशिश की। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों की जांच कर रही है।

हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई

मामले की शुरुआत में पुलिस ने तेज और लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की थी। हालांकि, वीडियो फुटेज और जांच के बाद एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा गया।

इसके अलावा, पुलिस ने पीछा करने और महिला की गरिमा का अपमान करने से संबंधित धाराओं को भी जांच के दायरे में शामिल किया है। हत्या के प्रयास की धारा लगाए जाने से मामला अधिक गंभीर हो गया है। हालांकि, किसी आरोपी पर आरोप लगना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है। अंतिम निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।

राजस्थान से हुई आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने कल्याण बैंसला को राजस्थान के दौसा क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, घटना के बाद आरोपी कथित रूप से मौके से निकल गया था और उसका मोबाइल फोन बंद हो गया था। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और अन्य सुरागों के आधार पर उसे ट्रैक किया।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद आरोपी को ले जाते समय पुलिस ने उसके भागने की कोशिश का भी उल्लेख किया। इस दौरान उसे मामूली चोटें आने की बात सामने आई। पुलिस ने मामले में उसके चचेरे भाई लवनीश को भी गिरफ्तार किया, जो घटना के समय कथित तौर पर उसके साथ मौजूद था।

पांच सदस्यीय एसआईटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया है। पुलिस का उद्देश्य घटना के पूरे क्रम को समझना, वाहन में मौजूद लोगों की भूमिका का पता लगाना और वीडियो साक्ष्यों की पुष्टि करना है।

जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण और क्राइम सीन रीक्रिएशन भी कर सकती है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कार और बाइक की स्थिति क्या थी, टक्कर किस तरह हुई और घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच क्या हुआ था।

सोशल मीडिया पर वीडियो से बढ़ा विवाद

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मामले को लेकर लोगों के बीच बहस तेज हो गई। वीडियो में दिखाई देने वाली घटनाओं को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पीड़िता ने सार्वजनिक रूप से सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से भी अपना बचाव प्रस्तुत किया गया है।

मामले के बीच कुछ लोगों ने आरोपी के समर्थन में रैली और महापंचायत आयोजित की। महिला बाइक सवार ने इन गतिविधियों को मामले की दिशा बदलने की कोशिश बताया। दूसरी ओर, समर्थकों ने आरोपी का पक्ष रखने की बात कही। पुलिस और अदालत के सामने अब यह चुनौती है कि सार्वजनिक दबाव से अलग रहकर तथ्यों और कानूनी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा।

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सड़क सुरक्षा और कानूनी जवाबदेही का सवाल

गुरुग्राम की यह घटना सड़क पर बढ़ते विवाद, खतरनाक ड्राइविंग और कानून को अपने हाथ में लेने के आरोपों को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। सड़क पर किसी विवाद की स्थिति में वाहन का इस्तेमाल डराने या नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना बेहद गंभीर विषय है। वहीं, किसी भी घटना की जांच में वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों और तकनीकी साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण आवश्यक होता है।

फिलहाल, कल्याण बैंसला और लवनीश न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। पुलिस की अगली कार्रवाई तथा अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्य यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे कि घटना के लिए जिम्मेदारी किस स्तर पर बनती है। अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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