SAUDI ARABIA SNOWFALL: सऊदी अरब का नाम सुनते ही दिमाग में तपते रेगिस्तान, भीषण गर्मी और धूल भरी आंधियों की तस्वीर आती है, लेकिन कुदरत के करिश्मे ने इस बार पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। रेत के समंदर वाला यह देश इन दिनों ‘विंटर वंडरलैंड’ में तब्दील हो गया है। उत्तरी सऊदी अरब में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे सुनहरे रेगिस्तान और पहाड़ अब सफेद चादर में लिपटे नजर आ रहे हैं। यह नजारा इतना अद्भुत और दुर्लभ है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ दुनिया भर के पर्यटक इसे देखने के लिए उमड़ पड़े हैं। सोशल मीडिया पर बर्फ से ढके ऊंटों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

माइनस 4 डिग्री तक लुढ़का पारा, रियाद में स्कूल बंद
मौसम विभाग के मुताबिक, एक शक्तिशाली ‘कोल्ड एयर मास’ यानी ठंडी हवाओं का गुबार उत्तरी हिस्से से देश में दाखिल हुआ, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। तबुक, हेल और अल-उला जैसे इलाकों में भारी बर्फबारी देखी गई है। जेबेल अल-लॉज की ऊंची पहाड़ियां, जो करीब 2600 मीटर की ऊंचाई पर हैं, पूरी तरह बर्फ से ढक गई हैं। कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया है और कुछ इलाकों में तो पारा माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रियाद और कासिम में बर्फबारी के साथ-साथ भारी बारिश भी हुई है। हालात ऐसे हो गए कि प्रशासन को एहतियात के तौर पर रियाद में स्कूलों को बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करवानी पड़ी।

SAUDI ARABIA SNOWFALL के बाद सैलानियों के लिए बना जन्नत, स्नोबोर्डिंग का ले रहे मजा
30 साल में पहली बार उत्तरी क्षेत्र में ऐसी बर्फबारी देखने को मिली है, जिसने इस रेगिस्तानी देश को पर्यटन का नया केंद्र बना दिया है। जेबेल अल-लॉज, जिसे ‘बादाम का पहाड़’ भी कहा जाता है, पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। लोग यहां स्लेजिंग और स्नोबोर्डिंग का लुत्फ उठाते नजर आ रहे हैं। इसके अलावा अल-जौफ, तुरैफ और अरार जैसे सीमावर्ती इलाकों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तुरैफ में तो तापमान माइनस 12 डिग्री तक गिरने का रिकॉर्ड है। ‘सिटी ऑफ फॉग’ कहे जाने वाले आभा में भी ओलावृष्टि और बर्फबारी ने मौसम सुहावना बना दिया है।

SAUDI ARABIA SNOWFALL: जलवायु परिवर्तन की घंटी या कुदरत का खेल?
भले ही यह बर्फबारी पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए उत्सव का माहौल लेकर आई है, लेकिन पर्यावरण विशेषज्ञों के माथे पर चिंता की लकीरें भी खींच गई हैं। एक ऐसे क्षेत्र में जहां गर्मी और सूखे का साम्राज्य रहता था, वहां मौसम में आ रहे ये बदलाव जलवायु परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी असामान्य मौसमी घटनाएं अब बार-बार हो रही हैं, जो बताती हैं कि ग्लोबल वार्मिंग किस तरह दुनिया के मौसम चक्र को बदल रही है। फिलहाल प्रशासन ने लोगों को चेतावनी जारी की है कि वे घाटियों और फिसलन भरी सड़कों पर गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

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