HARISH RAWAT AI VIDEO: उत्तराखंड की राजनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई (AI) के इस्तेमाल ने एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत भारतीय जनता पार्टी द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कुछ कथित एआई-जनरेटेड वीडियो से बेहद आहत और गुस्से में हैं। मंगलवार को इसी मामले को लेकर हरीश रावत अपने समर्थकों के साथ देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाने पहुंचे। थाने जाने से पहले उन्होंने एक मंदिर में माथा भी टेका।
HARISH RAWAT AI VIDEO: BJP पर लगाए गंभीर आरोप
रावत का आरोप है कि भाजपा एआई का दुरुपयोग करके उनकी छवि खराब कर रही है और उन्हें देशद्रोही और पाकिस्तानी जासूस के रूप में पेश कर रही है। थाने के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग की। हरीश रावत का गुस्सा विशेष रूप से दो वायरल वीडियो को लेकर है। 18 दिसंबर को पोस्ट किए गए एक वीडियो में एआई तकनीक का इस्तेमाल कर हरीश रावत को यह कहते हुए दिखाया गया है, “मुस्लिम शरणम गच्छामि, मजार शरणम गच्छामि, लव जिहाद शरणम गच्छामि।”

इस वीडियो में उन्हें मुस्लिमों को जमीन बांटते और देवभूमि को ‘मजारभूमि’ बनाने की बात करते हुए दिखाया गया है, जबकि अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बुलडोजर के साथ दिखाया गया है। वहीं, 21 दिसंबर को पोस्ट किए गए दूसरे वीडियो में हद तब पार हो गई जब रावत को एक पाकिस्तानी जासूस के रूप में दिखाया गया। इस वीडियो में पाकिस्तानी जवान उनसे पूछताछ कर रहे हैं और रावत अपना नाम ‘हमजा अली अंसारी’ बता रहे हैं और कह रहे हैं कि वो कराची से आए हैं।

HARISH RAWAT AI VIDEO: भाजपा झूठ की हांडी चढ़ा रही, मुझे देशद्रोही बताया जा रहा: रावत
थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए हरीश रावत काफी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर में जाकर कहते हैं कि एआई का दुरुपयोग एक वैश्विक अपराध है, लेकिन उन्हीं की पार्टी उत्तराखंड में एआई का सहारा लेकर मुझे लक्ष्य बना रही है। रावत ने पुराने जख्म कुरेदते हुए कहा कि भाजपा ने 2017 में झूठ फैलाया कि मेरी सरकार ने जुमे की नमाज की छुट्टी की, जिसका कोई गजट आज तक नहीं मिला। 2022 में झूठ बोला कि मैं मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाऊंगा। अब एआई के जरिए मुझे देशद्रोही और पाकिस्तान को सूचना देने वाला बताया जा रहा है।

उन्होंने भरे गले से कहा कि देशद्रोही की गाली सुनने से अच्छा है कि मैं मर जाऊं। उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो मुझे एआई वीडियो में नहीं, बल्कि असली गोली मारो। हरीश रावत ने कहा कि यह उनके 60 साल के सार्वजनिक जीवन पर एक बदनुमा दाग लगाने की साजिश है। उन्होंने पुलिस को विवादित वीडियो की पेन ड्राइव और कॉपी सबूत के तौर पर सौंपी है। रावत ने कहा कि इस बार वह चुप नहीं बैठेंगे और भाजपा के झूठ का पर्दाफाश करेंगे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी चेतावनी दी है कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

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