पैंगबर पर टिप्पणी का मामला : BJP सांसद साध्वी प्रज्ञा ने ये क्या कह दिया, कहीं बढ़ न जाए बीजेपी की मुश्किलें

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sadhvi praygya

दिल्ली, ब्यूरो :  पैगंबर को लेकर नूपुर शर्मा की गई विवादित टिप्पणी से पहले ही बीजेपी मुश्किलों में घिरी हुई है। देश-विदेश के मुस्लिम समुदाय के लोग विरोध पर उतर आए हैं। बीजेपी ने भी सख्त एक्शन लेते हुए हेट स्पीच देने वाले नेताओं की लिस्ट तैयार कर उन्हे सख्त हिदायत दी है कि इस तरह के बयान देने से बचें। लेकिन अब खुद बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पार्टी के उलट ही बयान दे रही हैं। एक तरफ बीजेपी नूपुर शर्मा को निलंबित कर ये साबित करने पर तुली है कि पार्टी धामिर्क भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान का समर्थन नहीं करती है और न ही पार्टी की कोई ऐसी विचारधारा है। लेकिन अब लगता है कि जैसे  नूपुर शर्मा के बाद साध्वी प्रज्ञा पार्टी को फिर से कटघरे में खड़ा करना चाहती हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर सांसद साध्वी प्रज्ञा ने क्या कह दिया जो बीजेपी की मुश्किल बढ़ सकती हैं। हमारी इस स्टोरी में पढ़े…

दरअसल अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहने वाली बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एक फिर कुछ ऐसा कह दिया है कि पैगंबर पर विवादित टिप्पणी का मामला फिर तूल पकड़ रहा है। इस बार साध्वी प्रज्ञा ने बीजेपी से निलंबित नूपुर शर्मा के समर्थन में बयान दे दिया है। साध्वी प्रज्ञा ने अपने ट्वीटर हैंडल पर एक ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘ सच कहना अगर बगावत है तो समझो हम भी बागी हैं, जय…सनातन, जय हिंदुत्व ‘ । कह सकते हैं सधावी प्रज्ञा ने अपने इस बयान से न सिर्फ नूपुर शर्मा का समर्थन किया है, बल्की सीधे तौर पर विशेष समुदाय को घरेने का काम किया है। खैर अब देखने वाली बात ये होगी कि उनके इस बायन के बाद पहले से गरमाया हुआ मुद्दा अब क्या मोड लेता है। और देश-विदेश में मुस्लिम समुदाय के लोगों को सफाई देने में जुटी बीजेपी अब क्या करेगी। ये भी पढ़े-RUSSIA UKRAINE WAR : जेलेंस्की के इस कदम से बढ़ सकती है पुतिन की दिल की धड़कने

sadhvi praygra tweet

वैसे बात केवल साध्वी प्रज्ञा के ट्वीट तक समिति नहीं है, बल्की उन्होने नूपुर शर्मा के समर्थन में खुलकर बयान भी दिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को असलियत बताने पर इतनी तकलीफ क्यों होती है ? साध्वी प्रज्ञा ने आगे कहा है कि मैं शायद इस बात से बदनाम हूं कि मैं सत्य बोलती हूं, चाहे कुछ भी हो। लेकिन यह भी एक सत्य है कि वहां (ज्ञानवापी) शिव मंदिर था, है और रहेगा. उसको फव्वारा कहना हमारे सनातन के मूल पर कुठाराघात है, इसलिए हम असलियत बताएंगे। ये बी पढ़े-एक जुलाई से प्लास्टिक की इन वस्तुओं का नहीं कर पायेंगे प्रयोग, लगेगा जुर्माना