RANIPOKHARI NATIONAL LAW UNIVERSITY: देहरादून के रानीपोखरी क्षेत्र में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) का निर्माण अधर में लटकने से स्थानीय जनता का आक्रोश सड़कों पर उतर आया है। इस मुद्दे को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस चुनाव प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष हरक सिंह रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर चल रही आपसी गुटबाजी के कारण एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान की बलि चढ़ाई जा रही है।
RANIPOKHARI NATIONAL LAW UNIVERSITY के शिलान्यास के 7 साल बाद भी ‘एक ईंट’ नहीं लगी
हरक सिंह रावत ने याद दिलाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्थानीय सांसद रमेश पोखरियाल निशंक और शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की मौजूदगी में रानीपोखरी में लॉ यूनिवर्सिटी का भव्य शिलान्यास किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि 7 साल बीत जाने के बाद भी वहां यूनिवर्सिटी के नाम पर एक ईंट तक क्यों नहीं रखी गई?
कांग्रेस के मुख्य आरोप:
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भूमि खुर्द-बुर्द करने की साजिश: आवंटित भूमि को टिहरी बांध विस्थापितों के नाम पर खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया जा रहा है।(RANIPOKHARI NATIONAL LAW UNIVERSITY)
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संवैधानिक गरिमा का हनन: पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा किए गए शिलान्यास को मौजूदा सरकार द्वारा नजरअंदाज करना मुख्यमंत्री पद की संवैधानिक गरिमा को गिराने जैसा है।
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श्रेय की राजनीति: भाजपा में गुटबाजी इस कदर चरम पर है कि एक नेता दूसरे नेता को किसी काम का श्रेय नहीं देना चाहता, जिसका नुकसान जनता भुगत रही है।

पुलिस बर्बरता और महिलाओं से अभद्रता पर रोष
रानीपोखरी में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे ग्रामीणों पर हुए लाठीचार्ज की हरक सिंह रावत ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में जिस प्रकार पुलिस ने बर्बरता दिखाई और आंदोलनकारी महिलाओं के साथ अभद्रता की, वह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। रावत ने इसे भाजपा सरकार का ‘दमनकारी चेहरा’ करार दिया और कहा कि अब जनता का भाजपा की घोषणाओं और शिलान्यासों से भरोसा उठ गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह इस आंदोलन में स्थानीय जनता, प्रधान संगठन और निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और लॉ यूनिवर्सिटी के निर्माण तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
क्या है पूरा RANIPOKHARI NATIONAL LAW UNIVERSITY का मामला?
देहरादून जिले के डोईवाला क्षेत्र के रानीपोखरी (भट्ट नगरी/लिस्ट्राबाद) में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU) की स्थापना की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना 17 फरवरी 2026 से लगातार जारी है। 25 मार्च 2026 को यह धरना 38वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और प्रधान संगठन के सदस्यों के नेतृत्व में धरना दे रहे हैं। 22 अप्रैल 2019 को रानीपोखरी क्षेत्र में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी मिली थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (जो उस समय क्षेत्रीय विधायक भी थे) ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था।

RANIPOKHARI NATIONAL LAW UNIVERSITY आंदोलन का पृष्ठभूमि
नोटिफिकेशन और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद छह वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार इस जमीन को जौलीग्रांट एयरपोर्ट के विस्थापितों (विश्थापितों) को आवंटित करने की योजना बना रही है, जिसके विरोध में आंदोलन शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि शिलान्यासित भूमि पर केवल और केवल राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ही स्थापित किया जाए, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तो आंदोलन और तेज होगा।
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