PARLIAMENT WINTER SESSION 2025: भारत की संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस सत्र को बुलाने के लिए केंद्र सरकार के प्रस्ताव को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके तहत लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों का सत्र निर्धारित तिथियों पर आयोजित किया जाएगा।

PARLIAMENT WINTER SESSION 2025: वार्षिक कैलेंडर के अनुरूप सत्र की घोषणा
यह घोषणा संसद के वार्षिक सत्रों के निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप है, जिसमें वर्षभर तीन मुख्य सत्र बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र विधायी कार्यों के लिए आयोजित किए जाते हैं। शीतकालीन सत्र आमतौर पर वर्ष के अंत में होता है, ताकि बजट सत्र के बाद लंबित विधेयकों पर चर्चा और पारित किया जा सके। 2025 के मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश और पारित किए गए थे, जिनमें राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी विधेयक प्रमुख हैं। हालांकि फिलहाल इस सत्र के विशिष्ट एजेंडे की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।

सत्र की अवधि और पूर्ववर्ती संदर्भ
किरेन रिजिजू ने बताया कि शीतकालीन सत्र की अवधि 19 दिनों की होगी, जो पिछले वर्षों की तुलना में सामान्य है। उदाहरण के तौर पर, 2024 का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से 20 दिसंबर तक चला था, जिसमें वक्फ संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी। राष्ट्रपति मुर्मू से मंजूरी मिलने के बाद संसद भवन में तैयारियां तेज हो गई हैं। लोकसभा सचिवालय और राज्यसभा सचिवालय ने सांसदों को सत्र की अधिसूचना भेजनी शुरू कर दी है। यह सत्र वर्ष 2025 के विधायी कार्यों को पूरा करने का अंतिम अवसर होगा, क्योंकि इसके बाद अगला सत्र 2026 के बजट सत्र के रूप में आयोजित होगा।

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