रसायनों से भरी खेती के दुष्प्रभाव अब साफ दिखने लगे हैं, और यही वजह है कि Organic Farming की तरफ किसानों और उपभोक्ताओं दोनों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। यह सिर्फ खेती का तरीका नहीं, बल्कि मिट्टी और सेहत दोनों को बचाने की एक सोच है।
Organic Farming क्या है?
यह खेती का ऐसा तरीका है, जिसमें रासायनिक खाद, कीटनाशक और सिंथेटिक तत्वों का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके बजाय गोबर खाद, कंपोस्ट और प्राकृतिक तरीकों से मिट्टी की उर्वरता बनाए रखी जाती है। यह तरीका मिट्टी की जैविक संरचना को स्वस्थ रखता है, और लंबे समय में खेत की उत्पादन क्षमता को भी बनाए रखता है।
Organic Farming कैसे काम करती है?
इसमें फसल चक्र, जैविक खाद और प्राकृतिक कीट नियंत्रण जैसी विधियां अपनाई जाती हैं, ताकि मिट्टी और पर्यावरण दोनों को नुकसान न हो। रासायनिक खेती से जैविक खेती में बदलने में आमतौर पर 2 से 3 साल का समय लगता है, क्योंकि मिट्टी को पुराने रसायनों से मुक्त होने में वक्त लगता है।
जैविक खेती के फायदे सबसे बड़ा फायदा यह है कि उगाई गई फसल रसायन-मुक्त होती है, जिससे उपभोक्ताओं की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ता है। इसके अलावा मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है, पानी की खपत भी कम होती है, और बाजार में जैविक उत्पादों की कीमत सामान्य फसल से ज्यादा मिलती है।
सर्टिफिकेशन और लागत
Organic Farming से उगाई गई फसल को असली जैविक उत्पाद के रूप में बेचने के लिए NPOP यानी National Programme for Organic Production के तहत सर्टिफिकेशन लेना जरूरी होता है। छोटे किसानों के लिए PGS-India सर्टिफिकेशन सस्ता और आसान विकल्प है, जिसमें किसान समूह मिलकर एक-दूसरे की खेती को प्रमाणित करते हैं।
सरकारी योजनाएं और सहायता
Organic Farming को बढ़ावा देने के लिए Paramparagat Krishi Vikas Yojana (PKVY) और National Mission on Natural Farming जैसी योजनाओं के तहत किसानों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता दी जाती है। राज्य सरकारें भी बीज, जैविक खाद और सर्टिफिकेशन खर्च पर सब्सिडी देती हैं, इसलिए शुरुआत से पहले राज्य कृषि विभाग से जरूर संपर्क करें।

व्यवसाय के तौर पर संभावना
Organic Farming सिर्फ खेती तक सीमित नहीं है, इससे जुड़ा व्यवसाय भी तेजी से बढ़ रहा है, जैसे जैविक खाद बनाना, बीज सप्लाई करना, या सीधे उपभोक्ताओं को उत्पाद बेचना। शहरी बाजारों में जैविक सब्जियों और अनाज की मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए सीधी बिक्री या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए किसान बेहतर दाम पा सकते हैं। छोटे स्तर पर शुरुआत करने वाले किसान स्थानीय हाट-बाजार और सोसाइटी टाई-अप से भी अच्छी शुरुआत कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Organic Farming शुरू करने में कितना समय लगता है?
रासायनिक खेती से जैविक खेती में बदलने में आमतौर पर 2 से 3 साल का समय लगता है।
2. क्या इसमें उत्पादन कम होता है?
शुरुआती वर्षों में उत्पादन थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन मिट्टी सुधरने के बाद यह स्थिर हो जाता है।
3. सर्टिफिकेशन के बिना बेचना संभव है क्या?
बेचा जा सकता है, लेकिन “जैविक उत्पाद” लेबल लगाने के लिए सर्टिफिकेशन जरूरी है।
4. क्या इसमें सरकारी सब्सिडी मिलती है?
हां, PKVY और अन्य योजनाओं के तहत प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता मिलती है।
5. इससे जुड़ी आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी?
इसकी पुष्टि के लिए APEDA की वेबसाइट देखी जा सकती है।
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उपरोक्त जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। खेती से जुड़े फैसले लेने से पहले संबंधित कृषि विभाग से सलाह जरूर लें।

