National Mission on Natural Farming केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसका मकसद देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है। इसके तहत किसानों को केमिकल खाद और कीटनाशकों की जगह गोबर, गोमूत्र और स्थानीय संसाधनों से बने प्राकृतिक इनपुट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय इस मिशन को लागू कर रहा है, और इसे देश के सभी राज्यों में चरणबद्ध तरीके से फैलाया जा रहा है।
National Mission on Natural Farming कैसे काम करता है?
National Mission on Natural Farming के तहत हर गांव में किसानों के समूह बनाए जाते हैं, जिन्हें प्राकृतिक खेती की तकनीकों की ट्रेनिंग दी जाती है। अनुभवी किसान खुद मास्टर ट्रेनर बनकर दूसरे किसानों को खेत पर जाकर व्यावहारिक तरीके से प्राकृतिक खेती सिखाते हैं। इसके अलावा हर क्लस्टर में जैविक इनपुट बनाने के लिए संसाधन केंद्र भी स्थापित किए जाते हैं, जहां किसान आसानी से जीवामृत और बीजामृत जैसी चीजें बना सकते हैं।
National Mission on Natural Farming के फायदे
सबसे बड़ा फायदा यह है कि National Mission on Natural Farming से खेती की लागत काफी कम हो जाती है, क्योंकि महंगे केमिकल खाद खरीदने की जरूरत नहीं रहती। मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी धीरे धीरे सुधरती है, जिससे लंबे समय में खेत की पैदावार क्षमता बनी रहती है।
प्राकृतिक तरीके से उगाई गई फसलों की बाजार में मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है। इसके साथ ही केमिकल के कम इस्तेमाल से पर्यावरण और किसानों की सेहत पर भी सकारात्मक असर पड़ता है।
National Mission on Natural Farming से कौन जुड़ सकता है?
इस मिशन से जुड़ने के लिए किसान का अपने राज्य के कृषि विभाग या स्थानीय ग्राम पंचायत के जरिए पंजीकरण कराना जरूरी होता है। छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाती है, ताकि सीमित जमीन वाले किसान भी इसका पूरा लाभ उठा सकें। पंजीकरण के बाद किसानों को ट्रेनिंग सेशन, मास्टर ट्रेनर सहायता और शुरुआती चरण में जरूरी मार्गदर्शन भी मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है।

National Mission on Natural Farming का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में देश की करोड़ों हेक्टेयर जमीन को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाया जाए। इसके लिए राज्य सरकारों को भी अतिरिक्त फंडिंग दी जा रही है, ताकि जमीनी स्तर पर योजना का क्रियान्वयन तेज हो सके। लंबी अवधि में यह मिशन खाद्य सुरक्षा के साथ साथ मिट्टी और पानी की गुणवत्ता सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. National Mission on Natural Farming किसने शुरू किया?
इसे केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने शुरू किया है, जो देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देता है।
2. National Mission on Natural Farming से किसे फायदा मिलता है?
इसका फायदा मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को मिलता है, जो केमिकल मुक्त खेती अपनाना चाहते हैं।
3. क्या इस मिशन में शामिल होने के लिए पैसा देना पड़ता है?
नहीं, ट्रेनिंग और शुरुआती मार्गदर्शन पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है।
4. National Mission on Natural Farming में पंजीकरण कैसे होता है?
किसान अपने राज्य के कृषि विभाग या स्थानीय ग्राम पंचायत के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं।
5. National Mission on Natural Farming से जुड़ी ताजा जानकारी कहां मिलेगी?
इस बारे में विस्तृत और अपडेटेड जानकारी के लिए कृषि मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना सबसे सही तरीका है।
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