देश के करोड़ों लोग रोजी-रोटी की तलाश में एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं, लेकिन पहले राशन कार्ड सिर्फ अपने राज्य में ही काम आता था। इस समस्या को दूर करने के लिए केंद्र सरकार One Nation One Ration Card योजना लेकर आई, जिससे अब देश के किसी भी कोने में राशन लेना आसान हो गया है। इस आर्टिकल में जानिए इस योजना की पूरी जानकारी, इसके फायदे और यह कैसे काम करती है।
One Nation One Ration Card क्या है?
यह एक नेशनल राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी योजना है, जिसे उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने शुरू किया था। इस योजना के तहत लाभार्थी अपने राशन कार्ड पर देश के किसी भी राज्य की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop) से सब्सिडी वाला राशन ले सकते हैं, चाहे उनका कार्ड किसी भी राज्य से बना हो।
यह सुविधा खासतौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए बनाई गई है, जो काम की तलाश में अपने गृह राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं और वहां भी अपने परिवार के लिए राशन की जरूरत पूरी करना चाहते हैं।
योजना की शुरुआत और विस्तार
शुरुआत में इस योजना को कुछ राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे इसे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक बढ़ाया गया। असम के इस योजना से जुड़ने के साथ यह अब पूरे देश में लागू हो चुकी है। आज इस योजना के तहत नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत आने वाले करीब 81 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को कवर किया जा रहा है।
One Nation One Ration Card योजना कैसे काम करती है?
हर उचित मूल्य की दुकान पर ePoS (इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल) डिवाइस लगाई गई है। लाभार्थी अपने आधार से जुड़े बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए किसी भी दुकान से अपना राशन ले सकते हैं। इससे फर्जी और डुप्लीकेट राशन कार्ड की पहचान करना भी आसान हो गया है। हाल ही में इस सिस्टम में एक और सुविधा जोड़ी गई है, जिसके तहत लाभार्थी अपने महीने का पूरा राशन एक ही दुकान से लेने की बजाय अलग अलग दुकानों से भी ले सकते हैं, जैसे गेहूं एक दुकान से और चावल दूसरी दुकान से।
One Nation One Ration Card के मुख्य फायदे
- प्रवासी मजदूरों और उनके परिवार को कहीं भी राशन मिलने की सुविधा
- फर्जी राशन कार्ड की पहचान में मदद
- राशन दुकानों पर लंबी लाइनों में कमी
- राज्यों के बीच और राज्य के भीतर दोनों तरह की पोर्टेबिलिटी
- राशन कार्ड की जानकारी ऑनलाइन किसी भी ePoS डिवाइस पर उपलब्ध

पात्रता और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का फायदा नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत पंजीकृत सभी राशन कार्ड धारकों को मिलता है। इसके लिए राशन कार्ड का आधार से लिंक होना जरूरी है। लाभार्थी की पहचान बायोमेट्रिक तरीके से, यानी फिंगरप्रिंट या आंखों की पहचान से की जाती है।
योजना से जुड़ी चुनौतियां
इस योजना को लागू करने में कुछ चुनौतियां भी सामने आई हैं, जैसे आधार लिंकिंग के बाद कुछ पात्र लाभार्थियों का छूट जाना, प्रवासन से जुड़े सटीक डेटा की कमी, और कई राज्य आधारित योजनाओं का इस सिस्टम से पूरी तरह न जुड़ पाना। सरकार इन समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार सुधार कर रही है।
One Nation One Ration Card योजना देश के करोड़ों प्रवासी परिवारों के लिए एक बड़ी राहत साबित हुई है। इससे न सिर्फ खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ी है। आने वाले समय में इस सिस्टम को और बेहतर बनाने पर सरकार का फोकस बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. One Nation One Ration Card योजना कब शुरू हुई थी?
इसे केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में शुरू किया था और धीरे-धीरे पूरे देश में लागू किया गया।
2. One Nation One Ration Card योजना का फायदा किसे मिलता है?
नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत पंजीकृत सभी राशन कार्ड धारकों को, खासकर प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को।
3. क्या दूसरे राज्य में राशन लेने के लिए नया कार्ड बनवाना पड़ता है?
नहीं, पुराने राशन कार्ड पर ही आधार आधारित पहचान से देश में कहीं भी राशन लिया जा सकता है।
4. राशन लेने के लिए किस तरह की पहचान जरूरी है?
आधार से लिंक बायोमेट्रिक पहचान, जैसे फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन जरूरी होती है।
5. क्या एक ही महीने में अलग अलग दुकानों से राशन लिया जा सकता है?
हां, नई सुविधा के तहत अब लाभार्थी अपनी सुविधा अनुसार अलग अलग दुकानों से राशन ले सकते हैं।
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