NATIONAL HERALD CASE: नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 9 अप्रैल 2025 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर की गई थी, जिसे कोर्ट के विशेष जज विशाल गोगने ने 15 अप्रैल को संज्ञान में लिया और अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अप्रैल 2025 को होगी। चार्जशीट में सोनिया गांधी को आरोपी नंबर 1 और राहुल गांधी को आरोपी नंबर 2 बताया गया है।

NATIONAL HERALD CASE में ये भी हैं आरोपी
इनके अलावा कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा, सुमन दूबे, सुनील भंडारी, यंग इंडिया और डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को भी सह-अभियुक्त बनाया गया है। ED की जांच में यह सामने आया कि यंग इंडिया नाम की कंपनी, जिसमें सोनिया और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी है, उसने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को सिर्फ 50 लाख रुपये में अपने कब्जे में ले लिया। जांच एजेंसी का दावा है कि इन संपत्तियों के जरिए 18 करोड़ रुपये के फर्जी डोनेशन, 38 करोड़ रुपये की एडवांस किराएदारी और 29 करोड़ रुपये के झूठे विज्ञापनों के माध्यम से “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” किया गया।

क्या है NATIONAL HERALD CASE?
ED ने दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में स्थित 661 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी PMLA की धारा 3, 4, 44, 45 और 70 के तहत की गई है, जिनके तहत दोषी पाए जाने पर सात साल तक की सजा हो सकती है। यह पूरा मामला 2014 से शुरू हुआ, जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने एक शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि गांधी परिवार ने यंग इंडिया के जरिए AJL की संपत्तियों को कब्जा लिया है। कांग्रेस ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा है कि यंग इंडिया एक गैर-लाभकारी संस्था है और इसमें कोई भी वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई है।

कांग्रेस ने राजनीतिक बदले की भावना से की गई साजिश बताया
कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की भावना से की गई साजिश बताया है और देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। 16 अप्रैल 2025 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय के बाहर और देश के अन्य हिस्सों में ED के कार्यालयों के सामने विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली में हुए विरोध के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी ले लिया। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह मोदी सरकार की सोची-समझी साजिश है ताकि विपक्ष को डराया जा सके। वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस कार्रवाई को राज्य प्रायोजित अपराध बताया और कहा कि पार्टी इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ेगी।

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