META: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक. एक बड़े कानूनी संकट में घिर गई है। अमेरिका की फेडरल ट्रेड कमिशन (FTC) ने मेटा पर इंस्टाग्राम और वॉट्सएप की खरीद को लेकर धोखाधड़ी और अवैध एकाधिकार बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। यह ऐतिहासिक मुकदमा 14 अप्रैल 2025 से वाशिंगटन डीसी की संघीय अदालत में शुरू हो चुका है, जिसे तकनीकी क्षेत्र के सबसे अहम कानूनी मामलों में से एक माना जा रहा है।

META पर लगे हैं ये आरोप
FTC का आरोप है कि मेटा ने सोशल मीडिया में उभरते प्रतियोगियों को खत्म करने और बाजार में अपना दबदबा कायम रखने के लिए इंस्टाग्राम को 2012 में 1 अरब डॉलर में और वॉट्सएप को 2014 में 22 अरब डॉलर में खरीदा। इससे मेटा ने कथित रूप से सोशल मीडिया बाजार में एकाधिकार कायम किया। 15 अप्रैल की सुनवाई में FTC ने एक ऐसा दस्तावेज कोर्ट में पेश किया, जिसमें मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने 2018 में यह बात स्वीकार की थी कि उन्हें एंटीट्रस्ट जांच का डर है और इसलिए वह इंस्टाग्राम को भविष्य में अलग करने (स्पिन ऑफ) पर विचार कर रहे थे।

कोर्ट में मार्क जकरबर्ग ने दी ये सफाई
कोर्ट में जकरबर्ग ने सफाई दी कि इंस्टाग्राम की खरीद तकनीकी मजबूरी थी क्योंकि उस समय मेटा की अपनी कैमरा ऐप उतनी बेहतर नहीं थी। वहीं मेटा के वकीलों ने FTC के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सोशल मीडिया बाजार की परिभाषा ही गलत ढंग से की गई है। मेटा का कहना है कि उसे टिकटॉक, यूट्यूब और ऐपल के iMessage जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स से जबरदस्त प्रतिस्पर्धा मिलती है और इंस्टाग्राम व वॉट्सएप की खरीद से न सिर्फ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है बल्कि उपभोक्ताओं को भी लाभ हुआ है। मेटा की ओर से कहा गया कि FTC के तर्क वास्तविकता से दूर हैं और तकनीकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं अधिक है।

क्या मेटा को बेचने पड़ेंगे इंस्टाग्राम और वॉट्सएप?
FTC का यह भी कहना है कि 2012 से 2020 के बीच मेटा ने सोशल नेटवर्किंग के बाजार में 80 प्रतिशत से अधिक समय यूजर एंगेजमेंट पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, जो यह दिखाता है कि वह एकाधिकार के रास्ते पर बढ़ रही थी। यह मुकदमा जुलाई 2025 तक चलने की संभावना है। यदि FTC अदालत में अपने पक्ष को साबित करने में सफल रहती है, तो मेटा को इंस्टाग्राम और वॉट्सएप को बेचने के आदेश दिए जा सकते हैं। यह स्थिति मेटा के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है, क्योंकि इंस्टाग्राम इस समय मेटा की अमेरिका में होने वाली विज्ञापन आय का लगभग 50.5 प्रतिशत हिस्सा बनाता है।

सुनवाई के दौरान कई बड़े नामों की गवाही होने की संभावना है, जिनमें मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग, कंपनी की पूर्व सीओओ शेरिल सैंडबर्ग, इंस्टाग्राम के सह-संस्थापक केविन सिस्ट्रॉम के साथ-साथ टिकटॉक, यूट्यूब और स्नैपचैट जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस ऐतिहासिक मुकदमे का फैसला टेक्नोलॉजी और सोशल मीडिया के भविष्य को किस दिशा में मोड़ता है।

अमेरिका में विदेशी छात्रों पर सख्ती, 300 से ज्यादा स्टूडेंट वीजा इसलिए हुए रद्द
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

