ILLEGAL BETTING APP CASE: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध सट्टेबाजी ऐप 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन की कुल ₹11.14 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रकम में रैना के नाम पर ₹6.64 करोड़ रुपये के म्यूचुअल फंड और धवन के नाम पर ₹4.50 करोड़ की एक अचल संपत्ति शामिल है। एजेंसी का दावा है कि दोनों खिलाड़ियों ने विदेशी संस्थाओं से अनुबंध कर अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म्स को प्रमोट किया, जिससे भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा मिला। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है।

रैना और धवन की संपत्तियां फिलहाल पीएमएलए की धारा 8 के तहत अस्थायी रूप से कुर्क की गई हैं। दोनों खिलाड़ियों से आगे और पूछताछ की जाएगी और वित्तीय लेनदेन की पूरी ट्रेल खंगाली जाएगी। ईडी की जांच में सामने आया है कि 1xBet और अन्य समान प्लेटफॉर्म्स के जरिए भारत में हजारों करोड़ रुपये का हवाला नेटवर्क चलाया जा रहा था। एजेंसी के अनुसार, इन ऐप्स के जरिये अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग दोनों को बढ़ावा दिया गया। रैना और धवन ने जिन कंपनियों से अनुबंध किए, वे इन्हीं विदेशी नेटवर्क्स से जुड़ी बताई जा रही हैं। जांच अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क से करीब ₹1,000 करोड़ रुपये का मनी ट्रेल सामने आया है।

ILLEGAL BETTING APP CASE: सितंबर में पूछताछ, अब संपत्ति जब्त
ईडी ने सितंबर 2025 में दिल्ली में सुरेश रैना और शिखर धवन दोनों से कई घंटे तक पूछताछ की थी। दोनों खिलाड़ियों से उनके प्रमोशनल कॉन्ट्रैक्ट्स, भुगतान के स्रोत और विदेशी ट्रांजैक्शनों पर सवाल किए गए थे। जांच में पता चला कि जिन विदेशी इकाइयों से भुगतान हुआ, वे भारत में अवैध सट्टेबाजी गतिविधियों को चला रही थीं। ईडी के अनुसार, इन ऐप्स ने न केवल मनी लॉन्ड्रिंग की बल्कि टैक्स चोरी और उपयोगकर्ताओं से धोखाधड़ी भी की। पूछताछ के बाद दोनों खिलाड़ियों से कई दस्तावेज और डिजिटल सबूत भी लिए गए थे।

अन्य क्रिकेटरों और हस्तियों से भी पूछताछ
ईडी ने इस जांच के दायरे में कई अन्य हस्तियों को भी बुलाया था। पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह से 23 सितंबर 2025 को सात घंटे से अधिक पूछताछ की गई। अभिनेता सोनू सूद को 24 सितंबर को समन किया गया और उनसे दिल्ली में बयान दर्ज किए गए। वहीं रॉबिन उथप्पा को भी 22 सितंबर को बुलाया गया था। एजेंसी ने सभी से ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रमोशन और उनके वित्तीय लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे। सूत्रों के अनुसार, इन हस्तियों के खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की संभावना बनी हुई है, क्योंकि कई अनुबंध संदिग्ध पाए गए हैं।

मामले की जड़ सितंबर 2025 से जुड़ी है, जब ईडी ने 1xBet और उससे संबंधित कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच में पता चला कि ये ऐप्स कुराकाओ और अन्य विदेशी ठिकानों से संचालित होते हैं, लेकिन भारत में लाखों यूज़र्स को टारगेट करते हैं। ईडी ने यह भी कहा कि प्रमोशनल डील्स के तहत भारतीय हस्तियों को भारी-भरकम भुगतान किया गया, जो हवाला नेटवर्क के जरिए पहुंचा। एजेंसी ने साफ किया कि यह सिर्फ सट्टेबाजी नहीं बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग का संगठित तंत्र है, जिसमें कई एजेंट और डिजिटल चैनल शामिल हैं। (ILLEGAL BETTING APP CASE(

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