हिंदी पत्रकारिता दिवस आज, जानें क्यों है ये दिन खास

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Hindi Journalism Day

Uttarakhand Devbhoomi Desk: आज का दिन बहुत ही पावन दिन हैं। एक ओर जहां हिन्दी पत्रकारिता (Hindi Journalism Day) का जन्म हुआ तो दूसरी ओर माता गंगा का धरती पर अवतरण हुआ। बता दें कि आज ही के दिन ही यानि 30 मई 1826 को कोलकाता से पहला हिंदी अखबार ‘उदन्त मार्तण्ड’ निकाला गया था। इस अखबार के संपादक पंडित जुगलकिशोक शुक्ल थे। उदन्त मार्तण्ड अखबार को एक साप्ताहिक पत्रिका के रूप में शुरू किया गया था। यह क्रांतिकारी अखबारों में से एक था। जो अंग्रेजों के खिलाफ खुलकर लिखता था। लेकिन आर्थिक परेशानियों और अंग्रेजों के अड़ंगों के चलते धारदार कलम से लिखे जाने वाले इस अखबार को 19 महीने बाद ही बंद करना पड़ा गया।

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Hindi Journalism Day: यहां पत्रकारों के स्वास्थ्य पर की गई चर्चा

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रीनगर गढ़वाल में प्रेस क्लब की ओर से एक गोष्टी का आयोजन किया गया। इस दौरान (Hindi Journalism Day) पत्रकारों के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त की गई। इस गोष्टी में संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर के वरिष्ठ सर्जन डॉ लोकेश सलूजा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ रचित गर्ग, समाजिक कार्यकर्ता राकेश बिजल्वाण बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ लोकेश सलूजा ने कहा कि इस भगदड़ भरी जिंदगी में पत्रकार अपने स्वास्थ्य (Hindi Journalism Day) का ध्यान रखना भूल जाते हैं। ऐसे में उनको अपने स्वास्थय का विशेष ध्यान रखना होगा। वहीं डॉ रचित गर्ग ने कहा कि ये क्षेत्र लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। इस दौरान कई पत्रकार बीमार पड़ जाते। ऐसें में सरकार को हर छोटे बड़े पत्रकारो का पंजीकरण करवाकर उनके स्वास्थ्य की जबाबदेही तय करनी होगी। इसके साथ ही पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य कार्ड जारी किया जाये।

इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार संदीप थपलियाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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