ED ACTION ON HARAK SINGH RAWAT : उत्तराखंड के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत को लेकर ताजा घटनाक्रम सामने आया है, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 101 बीघा भूमि को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत की गई है। इस भूमि का बाजार मूल्य 70 करोड़ रुपये से अधिक आंका गया है, जबकि रजिस्ट्री मूल्य मात्र 6.56 करोड़ रुपये था।

ED ACTION ON HARAK SINGH RAWAT: क्या है मामला?
यह भूमि श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (DIMS) के निर्माण के लिए उपयोग की गई है, जिसका संचालन हरक सिंह रावत के पुत्र तुषित रावत के पास है। ईडी की जांच में यह पाया गया कि भूमि का लेन-देन अवैध रूप से हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी सहयोगी लक्ष्मी राणा के नाम पर किया गया था। इस लेन-देन में पावर ऑफ अटॉर्नी का उपयोग किया गया था, जिसे अदालत ने रद्द कर दिया था, फिर भी भूमि का हस्तांतरण हुआ।

पिछले साल फरवरी में भी ईडी ने हरक सिंह रावत के घर सहित 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें करोड़ों रुपये की नकदी, सोने के आभूषण और विदेशी मुद्रा जब्त की गई थी। इस दौरान 1.10 करोड़ रुपये, 1.3 किलो सोना, और 10 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा बरामद हुई थी। इसके अलावा हरक सिंह रावत पर कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी बनाने के नाम पर हजारों पेड़ों का अवैध कटान और अवैध निर्माण का भी आरोप है।

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