DHANTERAS जिसे धन त्रयोदशी भी कहा जाता है, भारतीय त्योहारों की एक महत्वपूर्ण और खास तारीख है। यह त्योहार दिवाली के पहले दिन मनाया जाता है और धन, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की देवी, मां लक्ष्मी की पूजा का दिन है। धनतेरस का पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को आता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी। वहीं, त्रयोदशी तिथि का समापन 30 अक्टूबर को दोपहर 01 बजकर 15 मिनट पर होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना की जाती है।

DHANTERAS पर खरीददारी का विशेष महत्व
इस दिन, लोग भगवान धन्वंतरि की पूजा करते हैं, जो आयुर्वेद और चिकित्सा के देवता माने जाते हैं। पूजा का यह विधान इस बात का प्रतीक है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। इसके अलावा धनतेरस पर लोग विभिन्न प्रकार के धातुओं, जैसे सोने, चांदी और अन्य आभूषणों की खरीददारी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन इन वस्तुओं की खरीददारी करने से व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और भाग्य में वृद्धि होती है। लोग मानते हैं कि जो इस दिन नए बर्तन या आभूषण खरीदते हैं, उनके जीवन में धन और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

धनतेरस का त्योहार दिवाली के 5 दिनों के पर्व के पहले दिन मनाया जाता है और इसे मां लक्ष्मी के स्वागत का अवसर माना जाता है। घर में नई चीजों की खरीददारी से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लक्ष्मी माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। लोग नए सामान खरीदकर अपने घर को सुशोभित करते हैं, जिससे घर में खुशहाली बनी रहती है। वहीं इस अवसर का लाभ उठाकर लोग बाजारों में विशेष छूट और ऑफ़र का फायदा उठाते हैं। दुकानदार इस दिन ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विभिन्न ऑफ़र और डिस्काउंट भी प्रदान करते हैं।
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