CHENAB BRIDGE: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज ‘चिनाब ब्रिज’ का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह ब्रिज चिनाब नदी पर बना है और इसे उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के तहत तैयार किया गया है। इस ऐतिहासिक उद्घाटन के साथ कश्मीर घाटी को पहली बार भारतीय रेल नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी मिलने जा रही है, जो पिछले 127 वर्षों से एक सपना बना हुआ था। इसी दिन प्रधानमंत्री कटरा से श्रीनगर के बीच दो विशेष वंदे भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे, जो घाटी में पर्यटन और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी।

CHENAB BRIDGE कश्मीर के लिए ऐतिहासिक सौगात
चिनाब ब्रिज रियासी जिले के बक्कल और कौरी के बीच चिनाब नदी के ऊपर 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है और दिल्ली की कुतुब मीनार से लगभग पांच गुना ऊंचा है। इसकी लंबाई 1,315 मीटर है और इसे 1,486 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह ब्रिज 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं, रिक्टर स्केल पर 8 तीव्रता के भूकंप और 40 टन टीएनटी के बराबर धमाकों को सहने में सक्षम है। इसकी अनुमानित आयु 120 से 125 वर्ष बताई गई है।

दो वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत भी की जाएगी
उद्घाटन के साथ ही कटरा और श्रीनगर के बीच दो वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत भी की जाएगी। ये ट्रेनें विशेष रूप से ठंड के मौसम को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई हैं और रोजाना एक-एक चक्कर लगाएँगी। इससे कटरा से श्रीनगर की यात्रा का समय घटकर करीब तीन घंटे रह जाएगा। हालांकि दिल्ली और अन्य शहरों से आने वाले यात्रियों को फिलहाल कटरा में ट्रेन बदलनी होगी।

USBRL परियोजना की कुल लंबाई 272 किलोमीटर है, जिसमें 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। कुल लागत 43,780 करोड़ रुपये बताई गई है। यह परियोजना जम्मू-कश्मीर को हर मौसम में रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और व्यापार, पर्यटन व कृषि उत्पादों की ढुलाई को गति देगी। प्रधानमंत्री मोदी चिनाब ब्रिज के साथ भारत के पहले केबल-स्टे रेल ब्रिज ‘अंजी ब्रिज’ का उद्घाटन भी करेंगे। यह ब्रिज कटरा-बनिहाल खंड में यातायात को बेहतर बनाएगा और USBRL परियोजना का एक अहम हिस्सा है।

इस परियोजना के शुरू होने से कश्मीर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, खासकर माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्राओं के दौरान। साथ ही स्थानीय व्यापारियों और विशेष रूप से सेब उत्पादकों के लिए भी यह ब्रिज वरदान साबित होगा क्योंकि अब उनका माल एक ही दिन में दिल्ली तक पहुँच सकेगा। चिनाब ब्रिज की सुरक्षा के लिए पूरे रेल ट्रैक पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। यह ब्रिज आतंकी खतरों और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस है।

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