CHAMPAWAT GULDAR NEWS: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव और वन्यजीवों के बीच खूनी संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। ताजा घटना में चंपावत के बाराकोट ब्लॉक के मऊ चोमेल इलाके में बीते बुधवार की शाम एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। खेत में गेहूं काटने गई 17 वर्षीय छात्रा ज्योति अधिकारी पर गुलदार ने अचानक हमला बोल दिया।
आसपास काम कर रही महिलाओं की हिम्मत और सूझबूझ से गुलदार को भगाकर उसकी जान बचाई। बता दें कि ज्योति स्कूल से घर लौटने के बाद अपनी सहेलियों के साथ पास के खेत में गेहूं काटने पहुंची थी। तभी गेहूं के के बीच छिपे गुलदार ने अचानक झपट्टा मारा और सीधे ज्योति के गले पर हमला कर दिया।
CHAMPAWAT GULDAR NEWS: दराती और पत्थरों से महिलाओं ने किया मुकाबला
जब गुलदार ज्योति को शिकार बनाने की कोशिश कर रहा था, उसी दौरान पास के खेत में मौजूद महिलाओं ने बिना देर किए साहस दिखाया। उन्होंने जोर-जोर से शोर मचाते हुए दराती और पत्थरों से गुलदार पर हमला (CHAMPAWAT GULDAR NEWS) कर दिया। महिलाओं के इस बहादुरी भरे कदम से घबराकर गुलदार घायल अवस्था में ज्योति को वहीं छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत घायल छात्रा को कंधे पर उठाकर सड़क तक पहुंचाया और वहां से उसे लोहाघाट उप जिला अस्पताल ले जाया गया।

छात्रा की हालत खतरे से बाहर
उप जिला चिकित्सालय के डॉक्टर डॉ. विराज राठी और डॉ. बीना मेलकानी के अनुसार गुलदार के हमले (CHAMPAWAT GULDAR NEWS) में ज्योति के गले और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक इलाज के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल चंपावत रेफर किया गया। फिलहाल डॉक्टरों ने उसे खतरे से बाहर बताया है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी मनीष कुमार खुद लोहाघाट अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रा का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और परिवार को हर तरह की सहायता का भरोसा दिलाया। एसडीओ नेहा चौधरी ने मौके पर ही पीड़ित परिवार को ₹10,000 की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की।
READ MORE:
- UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE: किसानों ने यहां किया विरोध प्रदर्शन, आगजनी और आत्मदाह की चेतावनी
- GHAZIABAD FIRE NEWS: कनावनी में भीषण अग्निकांड, झुग्गियों और कबाड़ गोदाम में मची तबाही
- Youngster’s Gesture Leaves Virat Kohli Surprised in RCB vs LSG Clash
वन विभाग सतर्क, पिंजरा लगाने की तैयारी
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद वन विभाग ने घटनास्थल (CHAMPAWAT GULDAR NEWS) के आसपास पिंजरा लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही इलाके में वन कर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले खेतों या सुनसान रास्तों पर न भेजें।
पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल क्षेत्र में भी आदमखोर गुलदार ने हमला किया था
चंपावत की इस घटना से (CHAMPAWAT GULDAR NEWS) पहले 3 अप्रैल को पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल क्षेत्र के पोखड़ा ब्लॉक में घात लगाए बैठे एक आदमखोर गुलदार (Pauri guldar News) ने 4 साल की मासूम बच्ची, दृष्टि को अपना निवाला बना लिया। ये दिल दहला देने वाली घटना बीते गुरुवार रात करीब 8 बजे की है, जब बच्ची अपने घर की चौखट पर बैठकर खाना खा रही थी।
बता दें कि 1 अप्रैल को तीन साल पूरे कर चौथे साल में कदम रखने वाली दृष्टि की मौत से पूरे भतकोट गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है और उन्होंने जिलाधिकारी व डीएफओ को मौके पर बुलाने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया है।

उत्तराखंड के Human-Wildlife Conflict एक गंभीर समस्या
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष (Human-Wildlife Conflict) एक गंभीर समस्या बन चुका है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2000 से दिसंबर 2025 तक 900 से अधिक मौतें दर्ज की गईं, जिनमें तेंदुओं ने 548, हाथियों ने 230, बाघों ने 106 और भालुओं ने 70 मौतें कीं। इसके अलावा घायलों की संख्या भी हजारों में है।साल 2025 में ही 30 से 40 लोगों की मौत तेंदुआ, बाघ और भालू के हमलों से हुई, जबकि सैकड़ों घायल हुए।
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

