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UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE: किसानों ने यहां किया विरोध प्रदर्शन, आगजनी और आत्मदाह की चेतावनी

UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE: तराई क्षेत्र में गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था लड़खड़ाती नजर आ रही है, जिसका असर अब किसानों के बढ़ते आक्रोश के रूप में साफ दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में खटीमा में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने एसडीएम के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर तुरंत खरीद प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठाई है।

किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्र बंद होने के कारण उन्हें मजबूरी में अपना गेहूं बिचौलियों को बहुत कम कीमत पर बेचना (UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE) पड़ रहा है। इसके साथ ही खेती के लिए लिया गया कर्ज भी उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है। ज्ञापन में इस बात को भी प्रमुखता से उठाया गया कि समय पर यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध न होने के कारण मक्का और धान की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसानों की दिक्कतें और गहरी हो गई हैं।

UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE:  प्रशासन का भरोसा, मगर किसानों में संशय

खटीमा के एसडीएम तुषार सैनी ने किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उनका कहना है कि तौल प्रक्रिया शुरू करने और खरीद की सीमा बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है और शासन से आदेश मिलते ही खरीद शुरू कर दी जाएगी। इसके बावजूद किसानों का भरोसा डगमगाया हुआ है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर हालात नहीं सुधरे, तो पूरे जिले में चक्का जाम किया जाएगा। कुछ किसानों ने आत्मदाह तक की चेतावनी देकर प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है।

UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE
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UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE: काशीपुर में क्रय केंद्र बना विरोध का केंद्र

बीते बुधवार को काशीपुर और खटीमा की मंडियों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि किसानों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और उन्होंने तोड़फोड़ के साथ आगजनी भी कर दी। ऊपरी स्तर पर आदेश जारी होने के बावजूद जमीनी स्तर पर खरीद शुरू न होने से किसानों का धैर्य जवाब दे चुका है। कई स्थानों पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी जा रही है, यहां तक कि कुछ किसानों ने आत्मदाह जैसे कदम उठाने की बात भी कही है।

काशीपुर मंडी समिति में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत युवा) से जुड़े किसानों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन (UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE) किया। आक्रोशित किसानों ने क्रय केंद्र पर लगे सरकारी बैनर फाड़ डाले, मेज-कुर्सियां पलट दीं और विरोध स्वरूप बैनरों के साथ-साथ वहां रखी गेहूं की बोरियों में भी आग लगा दी। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE: गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया 

आयुक्त/सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड आनन्द स्वरूप ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में रबी विपणन सत्र का प्रारम्भ 01 अप्रैल, 2026 से हो चुका है। गढ़वाल सम्भाग में कुल 45 जबकि कुमाऊं सम्भाग में 123 क्रय केन्द्र संचालित हैं।

भारत सरकार द्वारा गेहूं का MSP ₹2585 निर्धारित किया गया है, जिससे कृषक भाईयों द्वारा अपनी उपज (गेहूं) का विक्रय राजकीय क्रय केन्द्रों पर किये जाने में रूचि प्रदर्शित की जा रही है। आतिथि तक स्मार्ट पी.डी.एस. पोर्टल पर 1597 कृषकों द्वारा पंजीकरण कराया जा चुका है एवं 5852 कुंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा उत्तराखण्ड राज्य हेतु पूर्व में 10 हजार कुंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिससे राज्य के कृषक भाईयों द्वारा अपने उत्पाद का विक्रय न हो पाने के सम्बन्ध में रोष व्यक्त किया जा रहा था।

भारत सरकार द्वारा राज्य सरकार के अनुरोध पर राज्य के कृषक भाईयों के रूझान एवं हितों के दृष्टिगत पूर्व निर्धारित 10 हजार कुंटल के लक्ष्य में वृद्धि करते हुए इसे 5 लाख कुंटल कर दिया गया है।

किसान पंजीकरण है अनिवार्य 

UTTARAKHAND WHEAT PURCHASE ISSUE से बचने के लिए सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। प्रक्रिया को इस प्रकार समझा जा सकता है:

  • किसानों को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (fcs.uk.gov.in) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा।
  • पंजीकरण के दौरान आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी और भूमि से संबंधित दस्तावेज जैसे खतौनी अनिवार्य रूप से जमा करने होंगे।
  • इस वर्ष यह विशेष रूप से अनिवार्य किया गया है कि किसान का बैंक खाता आधार से लिंक हो। भुगतान सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से उसी खाते में भेजा जाएगा।
  • किसान द्वारा अपलोड किए गए भूमि रिकॉर्ड का मिलान राजस्व विभाग के डेटा से किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही किसान को गेहूं बेचने के लिए SMS या टोकन जारी किया जाएगा।

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अनाज मंडी का सांकेतिक चित्र

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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