BOEING DREAMLINER TECHNICAL ISSUES: हाल के दिनों में बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों को लेकर लगातार चिंताजनक घटनाएं सामने आ रही हैं। सोमवार को हांगकांग से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI315 को तकनीकी खराबी के कारण उड़ान के बीच से ही वापस लौटना पड़ा। यह विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर मॉडल का था। फ्लाइट में मौजूद सभी यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की गई, लेकिन इस घटना ने बोइंग विमानों की तकनीकी विश्वसनीयता को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

BOEING DREAMLINER TECHNICAL ISSUES
रविवार को भी दो अन्य बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा। लंदन से चेन्नई आ रही ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA35, जो कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से संचालित थी, उसे उड़ान के दौरान फ्लैप फेल होने की तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा। विमान ने दोपहर 1:16 बजे हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और डोवर के पास चक्कर लगाते हुए लगभग दो घंटे बाद उसे वापस हीथ्रो लौटना पड़ा।

इन घटनाओं के सिलसिले में अहमदाबाद में हाल ही में हुआ एक बड़ा विमान हादसा भी शामिल है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। 12 जून को बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ने टेकऑफ के दो मिनट के भीतर ही क्रैश कर लिया, जिसमें पायलट, क्रू समेत कुल 242 लोगों में से 241 की जान चली गई थी। इस हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा, जिसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। यह घटना भारत के विमानन इतिहास में एक बड़े हादसे के रूप में दर्ज की गई है।

एक के बाद एक इस प्रकार की घटनाएं सामने आने से बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों की सुरक्षा और तकनीकी खामियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। तकनीकी दृष्टि से अत्याधुनिक माने जाने वाले इन विमानों में लगातार तकनीकी गड़बड़ियों और सुरक्षा संबंधी खतरों का सामने आना न केवल यात्रियों के विश्वास को डगमगा रहा है, बल्कि एयरलाइनों और विमान निर्माता कंपनियों की जिम्मेदारी पर भी उंगली उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी रूप से उन्नत होने के बावजूद यदि किसी विमान में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, तो यह सीधे तौर पर रखरखाव की गुणवत्ता और उड़ान से पहले की जांच प्रक्रियाओं पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

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