AHMEDABAD PLANE CRASH: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार, 12 जून को हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171, जो अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई थी, टेकऑफ के केवल दो मिनट बाद ही मेघानीनगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में अब तक 265 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि केवल एक यात्री जीवित बचा है। विमान अहमदाबाद के बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल मेस पर गिरा, जिससे हॉस्टल में मौजूद छात्र और मेडिकल स्टाफ भी चपेट में आ गए।

AHMEDABAD PLANE CRASH का पूरा विवरण
AI-171 फ्लाइट ने गुरुवार दोपहर 1:38 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के तुरंत बाद ही विमान ने 625 फीट की ऊंचाई हासिल की, लेकिन अचानक नीचे गिरने लगा। 1:40 बजे विमान रडार से गायब हो गया और मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल मेस पर जा गिरा, जहां उस वक्त करीब 60 से ज्यादा छात्र मौजूद थे। शुरुआती रिपोर्टों में इंजन की तकनीकी खराबी और एयरपोर्ट की दीवार से टकराने की बात सामने आई है। पायलट ने “मेडे” कॉल जारी की थी, उसके बाद विमान से कोई संपर्क नहीं हो पाया। विमान टकराने के बाद आग का बड़ा गोला बन गया और चारों ओर धुएं का गुबार फैल गया।

मृतकों की पहचान और जीवित बचे यात्री की जानकारी
हादसे में विमान में सवार कुल 242 लोगों में से 241 की मौत हो चुकी है। इसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। इसके अलावा जमीन पर मौजूद 24 लोगों की मौत की भी पुष्टि हो चुकी है। मरने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, केबिन क्रू सदस्य नगनथोई शर्मा, बांसवाड़ा के डॉ. दीपक और उनके परिवार सहित कई अन्य शामिल हैं। हादसे में 38 वर्षीय विश्वासकुमार रमेश ही एकमात्र जीवित बचे यात्री हैं, जो सीट 11A पर बैठे थे और इमरजेंसी एग्जिट के पास होने के कारण बच पाए। हादसे में 45 अन्य लोग घायल हुए हैं जिनका इलाज भी अस्पताल में जारी है।

DNA सैंपलिंग और शवों की पहचान की प्रक्रिया
अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके हैं जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो गई है। गुजरात सरकार ने बी.जे. मेडिकल कॉलेज में DNA सैंपलिंग सेंटर स्थापित किया है। पिछले 24 घंटों में देश भर से मृतकों के परिजन पहुंच रहे हैं और नमूने दे रहे हैं। अब तक लगभग 1000 DNA सैंपल एकत्र किए जा चुके हैं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक शवों की पहचान में 48 से 72 घंटे लग सकते हैं। विदेशों में रहने वाले परिजनों के DNA सैंपल भी जुटाए जा रहे हैं।

सरकारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह अहमदाबाद पहुंचे और उन्होंने हादसे की जगह का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने सिविल अस्पताल जाकर घायलों से भी मुलाकात की और पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी के परिवार से मिलकर संवेदना जताई। पीएम मोदी ने कहा कि इस त्रासदी से पूरा देश दुखी है और पीड़ितों की हरसंभव मदद की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू भी मौके पर पहुंचे और हालात की समीक्षा की। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है।

राहत, बचाव और जांच कार्य की स्थिति
घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, बीएसएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। वडोदरा, सूरत और अहमदाबाद से फायर ब्रिगेड की 25 गाड़ियां भी मौके पर भेजी गईं। राहत कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मलबे में और शवों की तलाश अभी भी जारी है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और एक ब्लैक बॉक्स बरामद हो चुका है। दूसरे की तलाश की जा रही है। एयर इंडिया ने हेल्पलाइन नंबर 1800-56-91-444 जारी किया है और टाटा समूह ने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।

बोइंग और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं
बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का यह पहला बड़ा हादसा है, जिससे कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। हादसे से जुड़े वीडियो में देखा गया कि विमान टेकऑफ के बाद भी लैंडिंग गियर पूरी तरह नहीं उठा था और उसकी नाक ऊपर थी, फिर भी वह तेजी से नीचे गिरता रहा। बोइंग ने बयान जारी कर कहा है कि वह भारतीय एजेंसियों को जांच में पूरा सहयोग देगा। हादसे के बाद एहतियातन अहमदाबाद एयरपोर्ट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है और दिल्ली से अहमदाबाद की सभी फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं।


