करंट से बंदर गिरा घर के अंदर, पहुंच गए 100 और मचाया जमकर उत्पात; कीसी को नहीं घुसने दिया

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पिथौरागढ़/देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखंड समेत तमाम पहाड़ी राज्यों में जंगली जानवरों के आतंक का अक्सर लोगों को सामना पड़ता है। कभी आदमखोर खूंखार जानवर तो कभी फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जंगली जानवर मुसीबत का सबब बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही आज उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद में हुआ है। पिथौरागढ़ में सोरगढ़ किले के पास नगरपालिका के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के घर के पास ट्रांसफार्मर से करंट लगने से एक बंदर आंगन के अंदर गिर गया। इसके बाद टोली के करीब 100 बंदर वहां पहुंच गए और घर वालों को ही अंदर नहीं घुसने दिया।

करंट से बंदर गिरा घर के अंदर, पहुंच गए 100 और मचाया जमकर उत्पात; कीसी को नहीं घुसने दिया

दरअसल नगरपालिका पिथौरागढ़ के रिटायर्ड कर्मचारी सपरिवार बाजार गए थे और घर पर कोई भी नहीं था। बंदर को करंट लगने के बाद वह रिटायर्ड कर्मचारी के आंगन के अंदर गिर गया और बेहोश हो गया। जैसे ही बंदरों की टोली ने यह देखा तो वह पूरे घर के ऊपर चारों तरफ फैल गये और उछल-कूद और आतंक मचाते हुए किसी को घर के अंदर घुसने नहीं दिया। आसपास के लोगों ने जब यह देखा तो मौके पर भीड़ जमा हो गई। थोड़ी देर बाद रिटायर कर्मचारी के परिजन भी बाजार से लौट आए और घर के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे, लेकिन बंदर एकजुट होकर हमलावर हो गए थे।

काफी देर बाद जब करंट लगने से बेहोश बंदर होश में आया फिर पूरी टोली उसे अपने साथ ले गई और घर वालों ने भी चैन की सांस ली। इसके बाद ही घर वाले अपने गेट के अंदर घुस पाए। आज रक्षाबंधन का त्योहार होने के कारण वन विभाग से भी रिटायर्ड कर्मचारी के घर वालों को कोई मदद नहीं मिल पाई। दोपहर के बाद बंदरों की टोली ने घायल बंदर के होश में आने के बाद उसे अपने साथ लेकर वहां से निकलना शुरू किया। पिथौरागढ़ के इस इलाके में लंबे समय से बंदरों का आतंक जारी है। चंद कदम की दूरी पर वन विभाग का दफ्तर होने के बाद भी लोग बंदरों के आतंक से दहशत में है।