BADRINATH HEMKUND QR CODE: बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चमोली प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक नई और काम की पहल शुरू की है।
अब यात्रा मार्ग पर अलग-अलग जगहों पर क्यूआर कोड वाले साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं, जिन्हें मोबाइल से स्कैन करके यात्री ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले जरूरी स्वास्थ्य जानकारी और सावधानियां आसानी से जान सकते हैं।
13 भाषाओं में मिलेगी स्वास्थ्य सम्बन्धित जानकारी
इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि BADRINATH HEMKUND QR CODE स्कैन करते ही जानकारी एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 13 भाषाओं में मिल जाती है। इससे देश के अलग-अलग राज्यों और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भी समझने में कोई दिक्कत नहीं होगी। साथ ही इसमें बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब तक पहुंचने का पूरा रूट मैप भी दिया गया है, जिससे रास्ता समझना और आसान हो गया है।
BADRINATH HEMKUND QR CODE से मिलेगा डॉक्टर का मोबाइल नंबर
BADRINATH HEMKUND QR CODE स्कैन करने पर यात्रियों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और डॉक्टरों के मोबाइल नंबर भी मिल जाएंगे। अगर रास्ते में किसी को तबीयत से जुड़ी कोई परेशानी होती है, तो वे तुरंत फोन करके सलाह ले सकते हैं।

BADRINATH HEMKUND QR CODE के अलावा यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत करने के लिए गोचर से लेकर बद्रीनाथ धाम तक कई जगह मेडिकल रिलीफ पोस्ट भी बनाए गए हैं। गौचर, लंगासू, मंडल, गडोरा, हनुमान चट्टी और बद्रीनाथ में ये सुविधाएं मौजूद हैं।
वहीं हेमकुंड साहिब जाने वाले रास्ते पर गोविंदघाट और भ्यूंडार में भी मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है। हर पोस्ट पर फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और वार्ड बॉय तैनात किए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत प्राथमिक इलाज मिल सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले इन BADRINATH HEMKUND QR CODE को जरूर स्कैन करें और दिए गए निर्देशों का पालन करें। इससे न सिर्फ यात्रा आसान बनेगी बल्कि रास्ते में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से भी काफी हद तक बचाव किया जा सकेगा।
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BADRINATH HEMKUND यात्रा
बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब दोनों धामों तक जाने का रास्ता गोविंदघाट तक एक ही रहता है और यहीं से आगे दोनों के मार्ग अलग-अलग हो जाते हैं। ऋषिकेश से शुरू होने वाली यह यात्रा करीब 300 किलोमीटर लंबी होती है।
रास्ता ऋषिकेश से देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और जोशीमठ होते हुए गोविंदघाट तक पहुंचता है। गोविंदघाट वह अहम पड़ाव है, जहां से बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के रास्ते अलग-अलग हो जाते हैं।
गोविंदघाट से बद्रीनाथ की दूरी लगभग 25 किलोमीटर है और यह पूरा रास्ता सड़क से जुड़ा हुआ है। यहां तक आप बस या टैक्सी से आराम से सीधे मंदिर के पास तक पहुंच सकते हैं। वहीं हेमकुंड साहिब जाने के लिए गोविंदघाट से आगे ट्रेकिंग करनी पड़ती है। पहले गोविंदघाट से पुलना तक करीब 4 किलोमीटर का सफर वाहन से तय होता है।

इसके बाद पुलना से घांघरिया तक लगभग 9 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है या फिर घोड़े-खच्चर का सहारा लिया जा सकता है। घांघरिया में रात रुकने के बाद अगले दिन करीब 6 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़कर हेमकुंड साहिब पहुंचा जाता है।
यात्रा के लिए सुझाव
हेमकुंड साहिब लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जहां ऑक्सीजन का स्तर काफी कम होता है।
- यात्रा शुरू करने से पहले खुद को शारीरिक रूप से तैयार करना जरूरी है और गर्म कपड़े साथ रखना बिल्कुल न भूलें।
- अगर आप बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब दोनों जगह जाना चाहते हैं, तो जोशीमठ या गोविंदघाट को अपना बेस बनाना सबसे आसान और सही विकल्प रहेगा।
- BADRINATH HEMKUND QR CODE को जरूर स्कैन करें।
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