/ Mar 02, 2026
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ANVESH 2026: खाद्य प्रसंस्करण और पोषण के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व को मजबूती प्रदान करते हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘अन्वेष-2026’ (एडवांस्ड नेक्स्ट जेनरेशन विजन फॉर इमर्जिंग एंड सस्टेनेबल हेल्दी फूड्स) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। एनआईएफटीईएम (NIFTEM)-कुंडली द्वारा आयोजित सम्मेलन में सरकारी एजेंसियों, स्टार्टअप, उद्योग जगत की हस्तियों, वैज्ञानिकों और प्रख्यात शेफों को एक साझा मंच पर देखा गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अगली पीढ़ी के लिए टिकाऊ और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों के भविष्य को एक नया आकार देना था।

सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु उपस्थित रहे। उन्होंने नवाचार को बढ़ावा देने में एनआईएफटीईएम-कुंडली के 13 वर्षों के सफर की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान खाद्य पिरामिड को नए सिरे से परिभाषित करने की दिशा में कार्य कर रहा है। समारोह में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के विशेष सचिव श्री असित गोपाल ने जोर देकर कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य नवाचार और उद्यमिता के बिना अधूरा है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब की आबादी वाले देश के लिए प्रौद्योगिकी आधारित विकास अनिवार्य है। पासवान ने शहरों और गांवों के बीच के अंतर को कम करने के लिए आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों और नवाचारों को सीधे किसानों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया। एनआईएफटीईएम के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने सम्मेलन के वैश्विक प्रभाव और प्राप्त परिणामों का एक व्यापक सारांश प्रस्तुत किया।

‘अन्वेष-2026’ में 25 देशों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो इसके अंतरराष्ट्रीय महत्व को सिद्ध करती है। इस दौरान 113 मौखिक प्रस्तुतियां और 226 पोस्टर प्रस्तुतियां दी गईं। चर्चा के मुख्य विषयों में वैयक्तिकृत पोषण, वैकल्पिक प्रोटीन, स्मार्ट स्वच्छ लेबल तकनीक और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला में डिजिटल बदलाव शामिल थे। एक विशेष गोलमेज बैठक में देश के 40 से अधिक कुलपतियों और निदेशकों ने भाग लिया, जहाँ उद्योग और शिक्षा जगत के बीच के सहयोग को मजबूत करने और कौशल विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए शैक्षणिक सुधारों पर मंथन किया गया।

ANVESH 2026 के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में 61 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया, जिनमें कॉर्पोरेट घरानों से लेकर छोटे स्टार्टअप (MSMEs) तक शामिल थे। इन्होंने अत्याधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों और टिकाऊ उत्पादों का प्रदर्शन किया। साथ ही, 22 लाइव कुकरी शो ने प्रतिभागियों का ध्यान अपनी ओर खींचा, जहाँ पौधों पर आधारित विकल्पों और पोषण से भरपूर सामग्रियों का उपयोग कर स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन तैयार किए गए। 500 से अधिक पंजीकृत प्रतिभागियों और 2000 से अधिक आगंतुकों की उपस्थिति ने इस सम्मेलन को एक गतिशील वैश्विक मंच के रूप में स्थापित कर दिया है।

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