Average Monthly Balance यानी AMB वह औसत रकम है, जो किसी महीने में आपके बचत खाते में हर दिन के हिसाब से बनी रहती है। बहुत से लोग सोचते हैं कि महीने के आखिरी दिन खाते में तय रकम रख देना काफी है, लेकिन बैंक पूरे महीने का हिसाब देखता है। इसी गलतफहमी की वजह से कई ग्राहकों के खाते से पेनल्टी कट जाती है।
Average Monthly Balance का मतलब क्या है?
हर बैंक अपने बचत खाते के लिए एक न्यूनतम औसत रकम तय करता है। यह रकम हर दिन खाते में होना जरूरी नहीं है, बल्कि पूरे महीने का औसत इतना होना चाहिए। यानी किसी दिन खाते में कम पैसा है और किसी दिन ज्यादा, तो दोनों का असर औसत पर पड़ता है।
यही वजह है कि इसे मंथली एवरेज बैलेंस कहा जाता है। यह रकम बैंक, खाते के प्रकार और शाखा की जगह पर निर्भर करती है। मेट्रो और शहरी शाखाओं में यह आमतौर पर गांव और कस्बों की शाखाओं से ज्यादा होती है।
AMB कैसे निकाला जाता है?
Average Monthly Balance निकालने का आसान फॉर्मूला इसका फॉर्मूला बहुत सीधा है। महीने के हर दिन के आखिर में खाते में जो रकम बचती है, उन सबको जोड़ें और फिर महीने के कुल दिनों से भाग दे दें। मान लीजिए 30 दिन के महीने में पहले 15 दिन आपके खाते में ₹20,000 रहे और बाकी 15 दिन ₹2,000 रहे।
तो कुल जोड़ ₹3,30,000 हुआ और 30 से भाग देने पर Average Monthly Balance ₹11,000 निकलेगा। अब अगर आपके बैंक में जरूरी रकम ₹10,000 है, तो आप सुरक्षित हैं। लेकिन अगर पूरे महीने सिर्फ ₹2,000 रहते, तो औसत भी ₹2,000 ही होता और पेनल्टी लग सकती थी।
महीने के बीच में कमी कैसे पूरी करें?
अगर महीने के बीच में पता चले कि औसत कम पड़ रहा है, तो बाकी दिनों में ज्यादा रकम रखकर कमी पूरी की जा सकती है। मान लीजिए आपको ₹10,000 का औसत चाहिए और 30 दिन के महीने के पहले 20 दिन खाते में सिर्फ ₹4,000 रहे। ऐसे में बाकी 10 दिनों तक खाते में करीब ₹22,000 रखने होंगे, तभी Average Monthly Balance पूरा होगा।
इसलिए Average Monthly Balance बनाए रखने के लिए महीने की शुरुआत में ही पैसा जमा करना ज्यादा आसान रहता है। देर से जमा करने पर ज्यादा रकम की जरूरत पड़ती है, क्योंकि कम दिनों में पूरी कमी भरनी होती है।

किन बैंकों में यह शर्त नहीं है?
SBI ने मार्च 2020 से न्यूनतम बैलेंस न रखने पर लगने वाला चार्ज खत्म कर दिया है। PNB, केनरा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे कई सरकारी बैंकों ने भी यह पेनल्टी हटा दी है। वहीं कई निजी बैंकों में यह शर्त अब भी लागू है और शहरी शाखाओं में जरूरी रकम ₹10,000 या उससे ज्यादा भी हो सकती है।
अपने बैंक की सही शर्त जानने के लिए उसकी वेबसाइट या शाखा से जानकारी लें। RBI के नियमों के मुताबिक, पेनल्टी की वजह से खाते का बैलेंस माइनस में नहीं जाना चाहिए। इसके अलावा बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाते में कोई न्यूनतम बैलेंस जरूरी नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Average Monthly Balance और मिनिमम बैलेंस में क्या फर्क है?
मिनिमम बैलेंस किसी एक समय की रकम को कहते हैं, जबकि AMB पूरे महीने के रोजाना बैलेंस का औसत होता है।
2. क्या महीने के आखिर में पैसा जमा करने से Average Monthly Balance पूरा हो जाता है?
आमतौर पर नहीं, क्योंकि आखिरी दिनों में जमा रकम का असर सिर्फ उतने ही दिनों के हिसाब से औसत पर पड़ता है।
3. Average Monthly Balance न रखने पर कितनी पेनल्टी लगती है?
यह बैंक और कमी की रकम पर निर्भर करता है। कई सरकारी बैंकों में अब यह पेनल्टी नहीं लगती।
4. अपना Average Monthly Balance कैसे देखें?
कई बैंक अपने मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग में यह जानकारी दिखाते हैं। इसके अलावा बैंक स्टेटमेंट से भी इसका हिसाब लगाया जा सकता है।
5. बैंक शुल्क से जुड़े नियम कहां देखें?
बैंक शुल्क और ग्राहकों के अधिकार से जुड़े आधिकारिक नियम रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। अपने बैंक की ताजा शर्तें जरूर जांच लें।
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