Savings Account में Minimum Balance न रखने पर बैंक आपसे पेनल्टी काट सकता है, लेकिन यह पेनल्टी मनमाने ढंग से नहीं लगाई जा सकती। RBI ने इसके लिए साफ नियम बनाए हैं, जिनकी जानकारी ज्यादातर खाताधारकों को नहीं होती।
अच्छी खबर यह है कि पिछले कुछ समय में कई सरकारी बैंकों ने यह चार्ज पूरी तरह हटा दिया है। फिर भी निजी बैंकों में खाता है, तो यह जानना जरूरी है कि बैलेंस कम होने पर असल में क्या होता है।
मिनिमम बैलेंस और एवरेज मंथली बैलेंस क्या है?
Minimum Balance वह न्यूनतम रकम है जो बैंक आपके खाते में बनाए रखने की शर्त रखता है। ज्यादातर बैंक इसे एवरेज मंथली बैलेंस के रूप में गिनते हैं, यानी महीने के हर दिन के बैलेंस का औसत देखा जाता है। इसका मतलब है कि किसी एक दिन बैलेंस कम हो जाने से तुरंत पेनल्टी नहीं लगती। पूरे महीने का औसत तय सीमा से नीचे जाने पर ही चार्ज बनता है।
Minimum Balance कम होने पर बैंक क्या करता है?
RBI के 2014 के सर्कुलर के मुताबिक, बैलेंस कम होते ही बैंक को SMS, ईमेल या पत्र से आपको इसकी साफ जानकारी देनी होती है। साथ ही बताना होता है कि तय समय में बैलेंस पूरा न करने पर चार्ज लगेगा। सूचना देने के बाद कम से कम एक महीने का समय देना जरूरी है। इस अवधि में बैलेंस पूरा कर दिया, तो कोई पेनल्टी नहीं लगनी चाहिए।
Minimum Balance पेनल्टी पर RBI के नियम
पेनल्टी उतनी ही होनी चाहिए जितनी कमी है, यानी कम अंतर पर कम चार्ज और ज्यादा अंतर पर ज्यादा। बैंक इसके लिए स्लैब बनाते हैं और यह चार्ज वाजिब होना चाहिए। सबसे अहम नियम यह है कि सिर्फ इस पेनल्टी की वजह से आपका सेविंग्स खाता माइनस में नहीं जा सकता।
अगर खाते में पैसा नहीं है, तो बैंक नेगेटिव बैलेंस दिखाकर बाद में वसूली नहीं कर सकता। हर बैंक को इन चार्ज की नीति अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होती है। खाता खोलते समय यह जानकारी ग्राहक को भी दी जानी चाहिए।
किन बैंकों ने हटाया यह चार्ज?
SBI ने मार्च 2020 में ही सभी सेविंग्स खातों पर Minimum Balance पेनल्टी खत्म कर दी थी। इसके बाद 2025 में केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने सामान्य सेविंग्स खातों पर यह चार्ज हटा दिया।
हालांकि कई बैंकों ने प्रीमियम या खास तरह के खातों को इस छूट से बाहर रखा है। ज्यादातर निजी बैंक अब भी शहर और शाखा के हिसाब से मिनिमम बैलेंस की शर्त रखते हैं और कमी पर हर महीने कुछ सौ रुपये तक का चार्ज लेते हैं।
क्या इससे सिबिल स्कोर पर असर पड़ता है?
नहीं, सेविंग्स खाते में बैलेंस कम रहने या पेनल्टी कटने की जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को नहीं जाती। इसलिए इससे आपके सिबिल स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ता। लेकिन अगर उसी खाते से लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड का बिल ऑटो डेबिट होता है, तो कम बैलेंस की वजह से भुगतान फेल हो सकता है। ऐसे में स्कोर जरूर गिर सकता है।

पेनल्टी से बचने के आसान तरीके
अगर आप हमेशा तय बैलेंस नहीं रख पाते, तो बैंक से कहकर खाते को बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट यानी जीरो बैलेंस खाते में बदलवा सकते हैं। इसमें Minimum Balance की कोई शर्त नहीं होती। जिन खातों का इस्तेमाल नहीं होता, उन्हें बंद करना भी समझदारी है। मोबाइल बैंकिंग में बैलेंस अलर्ट चालू रखें, ताकि कमी होते ही आपको पता चल जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या Minimum Balance न होने पर खाता बंद हो जाता है?
नहीं, सिर्फ बैलेंस कम होने से बैंक खाता बंद नहीं करता। लंबे समय तक लेनदेन न होने पर खाता इनऑपरेटिव जरूर हो सकता है।
2. क्या पेनल्टी की वजह से खाता माइनस में जा सकता है?
RBI के नियमों के अनुसार सिर्फ मिनिमम बैलेंस चार्ज की वजह से सेविंग्स खाता नेगेटिव नहीं हो सकता।
3. गलत पेनल्टी कटने पर क्या करें?
पहले बैंक की शाखा या कस्टमर केयर में लिखित शिकायत करें। 30 दिन में हल न मिले तो RBI ओम्बड्समैन से शिकायत कर सकते हैं।
4. क्या जीरो बैलेंस खाते में भी Minimum Balance रखना पड़ता है?
नहीं, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाते में ऐसी कोई शर्त नहीं होती। इससे जुड़े नियम RBI के सर्कुलर में देखे जा सकते हैं।
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