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Credit Card Billing Cycle: 50 दिन तक ब्याज मुक्त खरीदारी का फॉर्मूला कैसे काम करता है? जानिए पूरा हिसाब

Credit Card Billing Cycle को सही तरीके से समझ लिया जाए, तो क्रेडिट कार्ड से की गई खरीदारी पर करीब 50 दिन तक कोई ब्याज नहीं देना पड़ता। ज्यादातर लोग कार्ड तो इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि बिल कब बनता है, आखिरी तारीख कैसे तय होती है और ब्याज कब से लगना शुरू होता है।

त्योहारों की सेल के इस मौसम में यह जानकारी और भी काम की है। इस लेख में आसान उदाहरण के साथ समझिए कि यह फॉर्मूला कैसे काम करता है और इसका पूरा फायदा कैसे उठाएं।

Credit Card Billing Cycle क्या होता है?

बिलिंग साइकिल वह तय अवधि है, आमतौर पर लगभग 30 दिन, जिसमें की गई सारी खरीदारी एक साथ जोड़कर बिल बनाया जाता है। हर कार्ड की साइकिल की शुरुआत और खत्म होने की तारीख अलग हो सकती है।

Credit Card Billing Cycle खत्म होते ही बैंक स्टेटमेंट जारी करता है। जिस दिन यह स्टेटमेंट बनता है, उसे स्टेटमेंट डेट या बिलिंग डेट कहा जाता है।

तीन जरूरी तारीखें समझें

साइकिल की शुरुआत

यह वह दिन है जब नई बिलिंग अवधि शुरू होती है। इस दिन के बाद की हर खरीदारी अगले स्टेटमेंट में जुड़ती है।

स्टेटमेंट डेट

साइकिल खत्म होने पर इस दिन बिल बनता है। इसमें कुल बकाया, न्यूनतम देय रकम और भुगतान की आखिरी तारीख लिखी होती है।

ड्यू डेट

स्टेटमेंट बनने के बाद बैंक बिल चुकाने के लिए आमतौर पर 15 से 20 दिन का अतिरिक्त समय देता है। आखिरी दिन को ड्यू डेट कहते हैं।

50 दिन का फॉर्मूला कैसे बनता है?

Credit Card Billing Cycle के करीब 30 दिन और उसके बाद मिलने वाले लगभग 20 दिन जोड़ दें, तो कुल अवधि करीब 50 दिन बनती है। यही ब्याज मुक्त अवधि का अधिकतम समय है।

मान लीजिए आपकी Credit Card Billing Cycle 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक है और भुगतान की आखिरी तारीख 19 नवंबर है। अगर आपने 1 अक्टूबर को कुछ खरीदा, तो उसके लिए आपको करीब 50 दिन मिलेंगे।

लेकिन अगर वही खरीदारी 30 अक्टूबर को की, तो भुगतान के लिए सिर्फ करीब 20 दिन बचेंगे। यानी ब्याज मुक्त अवधि इस पर निर्भर करती है कि आपने साइकिल के किस दिन खर्च किया।

किन हालात में यह फायदा नहीं मिलता?

Credit Card Billing Cycle का यह फायदा तभी मिलता है, जब आप ड्यू डेट तक पूरा बकाया चुका दें। अगर सिर्फ न्यूनतम रकम या कुछ हिस्सा भरा, तो बची रकम पर खरीदारी के दिन से ही ब्याज लगने लगता है।

ऐसी स्थिति में अगले महीने की नई खरीदारी पर भी ब्याज मुक्त अवधि नहीं मिलती, जब तक पूरा बकाया साफ न हो जाए। कार्ड से कैश निकालने पर भी कोई ब्याज मुक्त समय नहीं मिलता और ब्याज उसी दिन से शुरू हो जाता है।

आरबीआई के नियम जो आपके हक में हैं

आरबीआई के नियमों के तहत कार्डधारक को अपनी सुविधा के हिसाब से कम से कम एक बार Credit Card Billing Cycle बदलने का विकल्प मिलता है। इसके लिए बैंक की कस्टमर केयर, ऐप या नेट बैंकिंग से अनुरोध किया जा सकता है।

नियमों के अनुसार लेट पेमेंट चार्ज तभी लगाया जा सकता है, जब भुगतान ड्यू डेट के बाद तीन दिन से ज्यादा देर से हो। फिर भी आखिरी दिन का इंतजार करने के बजाय समय से पहले भुगतान करना ही समझदारी है।

ज्यादा फायदा उठाने के आसान तरीके

बड़ी खरीदारी, जैसे फोन, टीवी या फर्नीचर, स्टेटमेंट डेट के ठीक अगले दिन करें, ताकि भुगतान के लिए सबसे लंबा समय मिले। अगर आपके पास दो कार्ड हैं और दोनों की साइकिल अलग है, तो खरीदारी की तारीख के हिसाब से सही कार्ड चुनें।

अपनी सैलरी की तारीख के आसपास ड्यू डेट रखने के लिए Credit Card Billing Cycle बदलवाना भी एक अच्छा तरीका है। साथ ही पूरे बकाये के लिए ऑटो पे चालू रखें, ताकि भुगतान कभी न छूटे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. अपनी बिलिंग साइकिल की तारीख कैसे पता करें?
    Credit Card Billing Cycle की तारीख आपके मासिक स्टेटमेंट, बैंक के ऐप या नेट बैंकिंग में लिखी होती है। कस्टमर केयर से भी इसकी जानकारी ली जा सकती है।
  2. क्या हर कार्ड में 50 दिन की ब्याज मुक्त अवधि मिलती है?
    नहीं, Credit Card Billing Cycle से जुड़ी यह अवधि बैंक और कार्ड के हिसाब से अलग हो सकती है। कई कार्ड में यह 45 से 55 दिन तक होती है, जिसकी जानकारी कार्ड की शर्तों में दी जाती है।
  3. क्या ईएमआई में बदली गई खरीदारी पर भी यह नियम लागू होता है?
    नहीं, ईएमआई में बदली गई रकम पर ब्याज और प्रोसेसिंग फीस अलग से तय होती है। हर महीने की ईएमआई आपके बिल में जुड़कर आती है।
  4. क्रेडिट कार्ड के आधिकारिक नियम कहां पढ़ें?
    क्रेडिट कार्ड से जुड़े दिशानिर्देश भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

आगे और समाचार पढ़े:

क्रेडिट कार्ड से जुड़ी ये जानकारियां भी पढ़ें: क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना क्यों पड़ता है महंगा, क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो क्या है और क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही इस्तेमाल।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। अपने कार्ड की सटीक शर्तें बैंक से जरूर जांचें।

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