HomeNational HeadlinesNEET-UG 2027: कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर फैसला अभी विचाराधीन, केंद्र ने सुप्रीम...

NEET-UG 2027: कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर फैसला अभी विचाराधीन, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2027 को कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी Computer-Based Test (CBT) में बदलने का प्रस्ताव अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि परीक्षा को पेन-पेपर मोड से डिजिटल प्रारूप में स्थानांतरित करने का मुद्दा ‘सक्रिय विचाराधीन’ है।

18 सितंबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार और नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स इस विषय पर विचार कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि NEET की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर जल्द निर्णय लेना आवश्यक होगा, क्योंकि अगली परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है।

नंदन नीलेकणी टास्क फोर्स की भूमिकाNEET

NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े विवादों के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी कर रहे हैं।

टास्क फोर्स का उद्देश्य राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, तकनीकी ढांचे, डेटा सुरक्षा और परीक्षा संचालन को मजबूत बनाने के उपाय सुझाना है। समिति डिजिटल परीक्षा प्रणाली, प्रश्नपत्र प्रबंधन और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विचार कर रही है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने का अंतिम फैसला टास्क फोर्स की सिफारिशों और संबंधित हितधारकों से चर्चा के बाद लिया जाएगा। समिति की पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर 2026 के अंत तक आने की संभावना जताई गई है। citeturn0news13turn0search2

मई में CBT को लेकर आया था बड़ा संकेत

मई 2026 में NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह अगले वर्ष से NEET-UG को कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित करने के लिए तैयार है। एजेंसी ने कहा था कि एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति ने परीक्षा को CBT प्रारूप में बदलने की सिफारिश की है।

उस समय NTA ने संकेत दिया था कि NEET को कंप्यूटर आधारित बनाने की प्रक्रिया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ परामर्श के बाद लागू की जा सकती है। हालांकि, बाद की कार्यवाही में सरकार ने स्पष्ट किया कि अंतिम व्यवस्था तय करने से पहले नीलेकणी टास्क फोर्स की रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।

इससे छात्रों के बीच परीक्षा के प्रारूप को लेकर असमंजस बना हुआ है। फिलहाल यह आधिकारिक रूप से तय नहीं है कि NEET-UG 2027 कंप्यूटर पर होगा या पहले की तरह ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।

सिंगल स्टेज या दो चरणों में परीक्षा?

केंद्र सरकार ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए एक से अधिक विकल्पों पर विचार की जानकारी दी है। इनमें एक विकल्प सिंगल-स्टेज कंप्यूटर आधारित परीक्षा का है। दूसरे विकल्प में जेईई मेन और जेईई एडवांस की तरह दो चरणों वाली व्यवस्था अपनाने पर विचार किया जा सकता है।

हालांकि, सरकार ने अभी इनमें से किसी मॉडल को अंतिम मंजूरी नहीं दी है। दो चरणों वाली परीक्षा लागू करने के लिए पाठ्यक्रम, परीक्षा केंद्र, परिणाम प्रक्रिया और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं का पुनर्मूल्यांकन करना होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बदलाव की घोषणा पर्याप्त समय पहले करना जरूरी होगा, ताकि छात्रों को नए परीक्षा प्रारूप के अनुसार तैयारी करने का अवसर मिल सके।

पेन-पेपर परीक्षा जारी रखने की वजह

सरकार ने पहले अदालत में कहा था कि NEET का आयोजन पेन-पेपर मोड में इसलिए किया जाता है, क्योंकि इसमें देशभर से बड़ी संख्या में छात्र शामिल होते हैं। इसके अलावा, सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर, इंटरनेट और सुरक्षित परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

भारत के ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले छात्रों को डिजिटल परीक्षा प्रणाली में स्थानांतरित करने से पहले बुनियादी सुविधाओं और समान अवसरों का ध्यान रखना होगा। कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षित केंद्र, प्रशिक्षित कर्मचारी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक होगा।

सरकार के सामने चुनौती यह भी है कि परीक्षा को अधिक सुरक्षित बनाया जाए, लेकिन डिजिटल बदलाव के कारण किसी वर्ग के छात्रों को अतिरिक्त कठिनाई का सामना न करना पड़े।

सुप्रीम कोर्ट ने सुधार लागू करने पर जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा प्रणाली में केवल समितियां बनाने के बजाय उनके सुझावों को जमीन पर लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। अदालत ने NTA की स्थायी व्यवस्था, पर्याप्त कर्मचारियों, तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षित बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए हैं।

18 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने कहा कि सुधारों को लागू करने और व्यवस्था में स्थायी बदलाव लाने में समय लग सकता है। अदालत ने नीलेकणी टास्क फोर्स से दो सप्ताह के भीतर प्रगति संबंधी हलफनामा दाखिल करने को कहा।

छात्रों के लिए क्या मायने हैं?

NEET-UG 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परीक्षा के प्रारूप में बदलाव की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए उम्मीदवारों को NTA की अधिसूचना और केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार करना चाहिए।

जब तक स्पष्ट घोषणा नहीं होती, छात्रों के लिए विषयों की तैयारी, मॉक टेस्ट और समय प्रबंधन पर ध्यान देना जरूरी है। साथ ही, कंप्यूटर आधारित और ओएमआर आधारित दोनों प्रकार के अभ्यास से परीक्षा प्रारूप में संभावित बदलाव के लिए तैयारी की जा सकती है।

आगे और समाचार पढ़े:

निष्कर्ष

NEET-UG 2027 को कंप्यूटर आधारित बनाने का प्रस्ताव अभी सक्रिय विचाराधीन है। केंद्र सरकार अंतिम निर्णय नंदन नीलेकणी टास्क फोर्स की सिफारिशों, विशेषज्ञों की राय और संबंधित मंत्रालयों से परामर्श के बाद लेगी।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में परीक्षा प्रणाली में सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अब छात्रों और शिक्षा जगत की नजर टास्क फोर्स की रिपोर्ट तथा सरकार की आधिकारिक घोषणा पर रहेगी। फिलहाल NEET-UG 2027 के परीक्षा प्रारूप को लेकर कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।

WhatsApp Group
Join Now
PandeyAbhishek
PandeyAbhishek
Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular