यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे

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यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे
यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे

यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे-

यूं तो हर जगह शादी के अपने-अपने अलग-अलग रीति रिवाज होते हैं जिनको वो बखूबी निभाते हैं लेकिन आज हम आपको शादी में होने वाले एक ऐसे रिवाज के बारे में बताएंगे जिसे सुनकर आप सभी हैरान रह जाओगे। कुछ कुछ रिवाज समय के साथ साथ बदल जाते हैं लेकिन कुछ रिवाज ऐसे होते हैं जिनको लोग आज भी निभाते चले आ रहे हैं। मध्य प्रदेश का एक ऐसा गांव है जहां शादी में एक बहुत ही अजीबो गरीब परंपरा निभाई जाती है। यहां पर एक आदिवासी गांव में शादी में बारात बिना दुल्हे के ही जाती है। इतना ही नहीं बल्कि यहां शादी से पहले दुल्हे की बहन दुल्हन के साथ सात फेरे लेती है।

यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे
यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे

मध्य प्रदेश से सटे इलाकों (अंबाला, सुरखेड़ा व सनेडा) में आज भी ये परंपरा निभाई जाती है।

पहले हुई थी युवकों की मौत

गांव वालों का कहना है कि कुछ समय पहले की बात है, गांव के तीन युवकों ने ये परंपरा नहीं निभाई थी और खुद ही वो अपनी बारात लेकर निकल गए। इसके बाद किसी कारणवश उन तीनों की मौत हो गई। लोगों में यहां ये मान्यता है कि ये ब्रह्मदेव का प्रकोप है और इसके बाद किसी भी युवक ने अपनी बारात नहीं निकाली। इसिलिए यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे।

मान्यता है कि इस समुदाय में शादी की तारीख तय होने के बाद से ही दुल्हा घर से बाहर नहीं निकलता है। इसके साथ ही जिस दिन शादी होती है तो बहन के साथ फेरे लेने के बाद दुल्हन जब गांव की सीमा पर पहुंच जाती है तब दुल्हा उसके साथ शादी करता है और फिर दुल्हन को घर लेकर आता है।

यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे
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ये है मान्यता

इसके पीछे यहां के आदिवासी समुदाय की मान्यता है कि अंबाला गांव के पास एक पहाड़ी पर देवता भरमादेव निवास करते हैं जो आदिवासी समुदाय के आराध्य हैं। ऐसा माना जाता है कि हर महादेव कुंवारे थे और इसी कारण अंबाला सुरखेड़ा व सनेड़ा गांव में बारात में दुल्हा नहीं जाता वरना लोगों का मानना है कि उसकी मौत हो जाती है। भरमा देव के प्रकोप से बचने के लिए दुल्हे की बहन बारात लेकर जाती है औऱ दुल्हन के साथ फेरे लेती है। इसिलिए यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे।

यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे
यहां दुल्हा नहीं दुल्हे की बहन लेती है दुल्हन के साथ 7 फेरे

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