Wednesday, September 28, 2022
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Poland Case against ShriKrishna: क्यों घसीटा गया भगवान श्रीकृष्ण को कोर्ट में?

Poland Case against ShriKrishna: पोलैंड में श्रीकृष्ण पर दर्ज केस

आप लोगों ने Bollywood की OMG Movie तो ज़रूर देखी होगी और उसमें देखा होगा कि कैसे परेश रावल ने भगवान के खिलाफ ही केस कर दिया और भगवान को खुद धरती पर आना पड़ा, केस लड़ने के लिए। Apart from jokes Bollywood में तो कुछ भी दिखाते हैं तभी आज Bollywood पिछड़ता जा रहा है। लेकिन ऐसी ही एक वारदात असल में भी हुई है जहां Poland की एक नागरिक ने ShriKrishna को ही Court (Poland Case against ShriKrishna) में घसीट दिया। अब ऐसा क्यों किया गया, क्यों Poland के कोर्ट में ShriKrishna के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया, ऐसा क्या हुआ था कि यहां तक नौबत आ गई।

Poland Case against ShriKrishna की शुरूआत कब हुई?

Poland case against ShriKrishna

दरअसल पिछले कुछ सालों में कई पश्चिमी देशों में भगवान ShriKrishna के प्रति लोगों की आस्था बढ़ती जा रही है और इन लोगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ का गठन किया गया था जिसे ISKCON (International Society for Krishna Consciousness) के नाम से जाना जाता है। ये एक ऐसी संस्था है जिससे जुड़े सभी लोग भगवान ShriKrishna के भक्त हैं और इसका प्रभाव पश्चिमी देशों में ज्यादा देखने को मिलता है।

पश्चमी देशों में ShriKrishna के Followers

आपको ये तो मालूम होगा कि पश्चिमी देशों में हिंदू घर्म के लोग कम ही हैं। इन देशों में ज्यादातर लोग ईसाई धर्म को मानते हैं। अब जब इन देशों के लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में ISKCON के साथ जुड़ने लगे तो ईसाई धर्म के कुछ कट्टरवादियों को ये बात शायद हज्म नही हुई जिसके बाद उन्होंने अपने देश से ISKCON का नामों निशान मिटाने का तय किया।

Poland Case against ShriKrishna में क्या थी ISKCON की भूमिका?

ISKCON people, ISKCON

ये घटना Poland की राजधानी Warsaw की है जहां 2011 में एक नन ने भगवान ShriKrishna (Poland Case against ShriKrishna) को ही कोर्ट में ललकार दिया और साथ ही उनके चरित्र पर भी कई इल्ज़ाम भी लगाए। लोगों पर ShriKrishna के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए Poland की नन ने ये कदम उठाया।

Poland में ShriKrishna के चरित्र पर उठाए गए ये सवाल

अब जैसे ही ये मामला (Poland Case against ShriKrishna) कोर्ट रूम पहुंचा तो कोर्ट में दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। पहला मौका नन को दिया गया। नन का कहना था कि Poland में ISKCON को बैन कर दिया जाए क्योंकि जो लोग ISKCON से जुड़ रहे हैं वो उस ShriKrishna के नाम की माला जप रहे हैं जिनका खुद का चरित्र खराब है।

गोपियों के साथ रासलीला रचाते कान्हा, श्रीकृष्ण की 16000 बीवियां

अब जिन ShriKrishna का ये नन चरित्र हनन कर रहीं थी उनके बारे में ये आगे कहती हैं कि क्योंकि  जिस ShriKrishna को लोग पूज रहे हैं वो क्या किसी को सीख देगें उनकी तो खुद की ही 16000 बीवियां थी, इससे लोगों को क्या सीख मिलेगी। जिस ShriKrishna को लोग पूज रहे हैं वो तो खुद ही गोपियों के साथ रासलीला मनाया करता था, उनसे तो लोग छेड़छाड़ करना सीखेगें।

ये वही ShriKrishna हैं जो नदी में स्नान कर रहीं गोपियों के कपड़े चुराकर पेड़ में बैठ जाया करते, तो इनसे लोग क्या प्रेरणा लेगें इसलिए मेरा आपसे अनुरोध है कि ShriKrishna को फौलो करने वाली इस संस्था यानी की ISKCON को Poland  में बैन (Poland Case against ShriKrishna) कर दिया जाए।

ISKCON के विद्वान ने दिए कोर्ट रूम में ये तर्क

एक पक्ष को सुनने के बाद अब जज ISKCON (Poland Case against ShriKrishna) से किसी को पक्ष रखने का मौका देते हैं। ISKCON की तरफ से एक विद्वान कटघरे में आते हैं और जज से विनती करते हैं कि कृपा करके नन उस शपथ को एक बार कोर्ट रूम में सबके सामने ज़ोर से दोहराए जो उन्होंने नन बनते समय ली थी। जज नन से कहता है उस शपथ को सबके सामने तेज़ से बोलने के लिए मगर नन कुछ नही बोलती।

जिसके बाद ISKCON का वो विद्वान जज से आज्ञा लेता है खुद उस शपथ को सबके सामने पढ़ने की। जज की आज्ञा के बाद विद्वान शपथ पढ़ता है जिसमें लिखा होता है कि नन बनने वाली प्रत्येक स्त्री जीजस क्राइस्ट की पत्नी होंगी। यानी की जब भी कोई लड़की नन बनेगी तो वो उसी समय जीजस क्राइस्ट की विवाहिता बन जाएगी। तो इसके हिसाब से इस दुनिया में करीबन 10 लाख से ज्यादा नन हैं और वो सभी जीजस क्राइस्ट की पत्निया हैं तो अब बताइए कि कौन चरित्रहीन हैं। ये सुनने के बाद नन चुप हो जाती है।

ShriKrishna ने क्यों की थी 16000 औरतों से शादी?

Poland Case against ShriKrishna: इसके बाद ISKCON के वो विद्वान आगे कहते हैं कि अब बात आई भगवान ShriKrishna की 16000 बीवियों कि तो आपको मै बता दूं कि जिन 16000 औरतों से ShriKrishna ने विवाह किया था उन्हें ShriKrishna ने भौमासुर नाम के एक असुर के चुंगल से छुड़ाया था। असल में भौमासुर ने अमर होने के लिए 16000 कन्याओं की बली देने हेतु इन्हें बन्दी बनाया था जिसके बाद ShriKrishna ने भौमासुर का वध कर इन कन्याओं को उसके चुंगल से छुड़ाया और इन्हें समाज में सम्मान दिलाने हेतु इन सभी से शादी रचाई थी।

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गोपियों के वस्त्र चुराकर क्यों बैठते थे ShriKrishna पेड़ में?

इसके बाद आपने बात करी कि ShriKrishna नदी में नहा रही गोपियों के वस्त्र चुराकर पेड़ में लटका दिया करते थे। तो इसके पीछे का कारण ये है कि जब भी हम स्नान करते हैं तो शरीर में एक वस्त्र होना बहुत जरूरी है क्योंकी जल को देवता की उपाधी दी गई है जिसके कारण हमें पूर्ण रूप से नग्न अवस्था में स्नान नही करना चाहिए। इसी बात की सीख देने के लिए ShriKrishna गोपियों के वस्त्र छिपा दिया करते थे।

Poland Case against ShriKrishna: किसकी हुई जीत?

तो अब बताइए कि भगवान ShriKrishna चरित्रहीन थे या नही? विद्वान द्वारा इन तर्कों को सुनने के बाद नन बिलकुल चुप हो गई और साथ ही जज ने भी ShriKrishna (Poland Case against ShriKrishna) और ISKCON के खिलाफ इस केस को खारिज कर दिया।

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