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बिना किसी लिंक पर क्लिक किए भी हैक हो सकता है आपका फोन, जानें क्या है Zero-Click Attack?

Zero-Click Attack एक ऐसा साइबर हमला है, जिसमें हैकर को आपके फोन तक पहुंचने के लिए आपकी किसी गलती की जरूरत नहीं होती। न कोई लिंक खोलना, न कोई फाइल डाउनलोड करना, फिर भी फोन चुपचाप हैक हो सकता है। सोचिए, आप फोन पास रखकर सो रहे हैं और कोई दूर बैठा आपकी चैट, फोटो और लोकेशन देख रहा है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह खतरा क्या है और इससे कैसे बचें।

Zero-Click Attack क्या है?

Zero-Click Attack में आमतौर पर साइबर ठग नकली लिंक भेजकर उम्मीद करते हैं कि आप उस पर क्लिक करें। जीरो-क्लिक हमले में यह शर्त ही खत्म हो जाती है। यहां हमलावर फोन के सॉफ्टवेयर में छिपी किसी कमजोरी का फायदा उठाता है। बस एक खास मैसेज या कॉल का फोन तक पहुंचना ही काफी होता है।

यह हमला काम कैसे करता है?

Zero-Click Attack में हर स्मार्टफोन में कई ऐप आने वाले डेटा को अपने आप प्रोसेस करते हैं। जैसे मैसेजिंग ऐप किसी फोटो का प्रीव्यू बनाता है या ईमेल ऐप अटैचमेंट को पहले से पढ़ लेता है। हैकर इसी प्रक्रिया में मौजूद किसी बग को निशाना बनाते हैं।

वे खास तरीके से तैयार की गई फाइल, तस्वीर या कॉल भेजते हैं, जिसे प्रोसेस करते समय फोन में छिपा खतरनाक कोड चल पड़ता है। कई मामलों में काम पूरा होने के बाद वह मैसेज खुद ही मिट जाता है, इसलिए यूजर को कुछ पता नहीं चलता। ऐसी खामियों को “जीरो-डे” कहते हैं, जिनकी जानकारी कंपनी को भी नहीं होती।

दुनिया भर में सामने आए Zero-Click Attack के चर्चित मामले

साल 2019 में व्हाट्सऐप ने बताया था कि उसकी वीडियो कॉल सुविधा की एक खामी के जरिए करीब 1400 यूजर्स के फोन में जासूसी सॉफ्टवेयर डाला गया। इसके लिए सिर्फ एक कॉल आना काफी था, उसे उठाने की भी जरूरत नहीं थी।

इसके बाद इजरायली कंपनी एनएसओ ग्रुप का पेगासस स्पाइवेयर दुनिया भर में चर्चा में आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे आईफोन की मैसेजिंग सेवा की खामी के जरिए बिना किसी क्लिक के फोन में पहुंचाया गया।

स्मार्टफोन यूजर्स को क्यों सावधान रहना चाहिए?

आज हमारा फोन ही हमारा बैंक, पहचान पत्र और निजी डायरी बन चुका है। यूपीआई, नेट बैंकिंग, आधार, फोटो और दफ्तर की बातचीत सब कुछ इसी एक डिवाइस में रहता है। अगर कोई Zero-Click Attack के जरिए फोन तक पहुंच जाए, तो वह कैमरा, माइक्रोफोन और लोकेशन तक का इस्तेमाल कर सकता है।

ओटीपी पढ़कर बैंक खाते से पैसे निकालना भी उसके लिए आसान हो जाता है। अब तक ऐसे हमले ज्यादातर खास लोगों पर हुए हैं, लेकिन साइबर अपराध तेजी से बदल रहा है। इसलिए आम यूजर को भी पहले से सतर्क रहना चाहिए।

अपने फोन को सुरक्षित रखने के आसान तरीके

सबसे जरूरी कदम है फोन और सभी ऐप को हमेशा अपडेट रखना। कंपनियां ज्यादातर सुरक्षा खामियों को अपडेट के जरिए ही ठीक करती हैं, इसलिए ऑटो अपडेट चालू रखें। फोन को हफ्ते में कम से कम एक बार रीस्टार्ट करें। सुरक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ स्पाइवेयर सिर्फ फोन की अस्थायी मेमोरी में चलते हैं और रीस्टार्ट होने पर हट जाते हैं।

आईफोन यूजर्स के लिए एप्पल ने “लॉकडाउन मोड” दिया है, जो ऐसे खतरों से बचाने के लिए कई सुविधाएं सीमित कर देता है। एंड्रॉयड फोन में गूगल प्ले प्रोटेक्ट और एडवांस्ड प्रोटेक्शन जैसे विकल्प चालू रखने चाहिए। फालतू ऐप हटा दें और केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप इंस्टॉल करें।

Zero-Click Attack
Zero-Click Attack

फोन हैक होने के संकेत कैसे पहचानें?

अगर बैटरी अचानक बहुत जल्दी खत्म होने लगे, फोन बिना वजह गर्म रहे या मोबाइल डेटा की खपत तेजी से बढ़ जाए, तो सावधान हो जाएं। ये संकेत किसी छिपे सॉफ्टवेयर की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर एप्पल या गूगल की ओर से खतरे की चेतावनी मिले, तो उसे हल्के में न लें और तुरंत विशेषज्ञ की मदद लें।

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ऑनलाइन सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए जानिए फोन में पासकी कैसे काम करती है, साथ ही समझिए असली और नकली वेबसाइट में फर्क कैसे पहचानें। डिजिटल नुकसान से आर्थिक बचाव के लिए साइबर इंश्योरेंस क्या है, यह भी जरूर पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या Zero-Click Attack एंड्रॉयड और आईफोन दोनों पर हो सकता है?

हां, ऐसा हमला किसी भी स्मार्टफोन पर हो सकता है, अगर उसके सॉफ्टवेयर या किसी ऐप में कोई अनजानी खामी मौजूद हो। इसलिए दोनों तरह के फोन में नियमित अपडेट जरूरी है।

2. क्या एंटीवायरस ऐप Zero-Click Attack को रोक सकता है?

पूरी तरह नहीं। ये हमले बेहद उन्नत होते हैं, इसलिए अपडेट और सही सेटिंग्स ही सबसे मजबूत बचाव हैं।

3. फोन हैक होने का शक हो तो शिकायत कहां करें?

आप 1930 हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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