YOGA DAY 2025: मुख्यमंत्री आवास परिसर में गुरुवार को योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ योग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का साधन नहीं, बल्कि आंतरिक शांति, आत्मबोध और मानसिक संतुलन प्राप्त करने की प्रक्रिया है।

YOGA DAY 2025: योग को दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का मूल स्तंभ है और यह सदियों से हमारी सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने हमेशा मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी है और योग के माध्यम से पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, संतुलन और शांति का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज योग दुनियाभर में करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है और यह भारतीय जीवन शैली को वैश्विक पहचान दिला रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता देने का प्रस्ताव रखा था, जिसे 177 देशों का समर्थन मिला और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ऋषियों, मुनियों और योग की भूमि है। यहां योग की परंपरा गांव-गांव तक फैली हुई है। राज्य सरकार भी लोगों को योग से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ग्राम स्तर तक योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं और इसके साथ-साथ योग से जुड़े रोजगार के अवसर भी तेजी से विकसित हो रहे हैं।

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हादसा, जंगलचट्टी के पास मलबे की चपेट में आए श्रद्धालु, रेस्क्यू जारी
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

